मऊ की प्रस्तावित आवास विकास योजना में किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का मुद्दा संसद में उठेगा : सांसद राजीव राय


जनपद मऊ में प्रस्तावित आवास विकास योजना के अंतर्गत सहरोज, रेवड़ीडीह, मेघई, मुहम्मदपुर सहरोज, डांडी एवं आसपास के गांवों की अधिग्रहित की जा रही भूमि के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल आज घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि किसानों की पैतृक एवं आजीविका का मुख्य आधार रही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप उचित एवं न्यायसंगत मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में भूमि के बाजार मूल्य में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि प्रस्तावित मुआवजा वास्तविक बाजार दर से काफी कम है। इससे प्रभावित किसानों के समक्ष आजीविका, पुनर्वास एवं भविष्य को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि लगभग नौ वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर एवं न्यायसंगत मुआवजा प्रदान किया गया था। ऐसे में वर्तमान समय में, जब भूमि का बाजार मूल्य पहले से कहीं अधिक है, किसानों को कम दर पर मुआवजा दिया जाना न्यायसंगत नहीं है।

सांसद राजीव राय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (एलएआरआर अधिनियम, 2013) के प्रावधानों के अनुरूप वर्तमान बाजार मूल्य, 100 प्रतिशत सोलैटियम एवं अन्य सभी देय लाभों सहित उचित एवं सम्मानजनक मुआवजा मिलना चाहिए।

सांसद राजीव राय ने कहा कि किसानों की इस न्यायोचित मांग को वह संसद में प्रमुखता से उठाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के समक्ष भी मजबूती से रखेंगे, ताकि प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और उनकी आवाज़ को सदन से लेकर संबंधित विभागों तक प्रमुखता से पहुंचाएंगे।
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