अधिवक्ताओं का एक समूह जिलाधिकारी से राष्ट्रपति नामक पत्रक लेकर मिलने के लिए गये । जिसमें उनके प्रमुख मांग (UGC) द्वारा समानता के नाम अधिसूचित विनियमन 2026 की संवैधानिक वैधता एवं व्यवहारिक दुष्प्रभाव की उच्च स्तरीय समीक्षा कराते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने हेतु केन्द्र सरकार को निर्देशित किया जाय

ताकि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित एवं राष्ट्रहितकारी बनी रहे । अधिवक्ताओ में (UGC) बिल को लेकर काफी विरोध देखा गया । जिसमें काला कानून को वापस लेने के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया । प्रधानमंत्री मुर्दाबाद और अमित शाह मुर्दाबाद के नारे भी लगाये गये । साथ ही यह भी अधिवक्ताओ द्वारा कहा गया कि अगर इस कानून को जल्द से जल्द वापस नही लिया जाता है तो विरोध भविष्य में और व्यापक रूप से किया जायेगा । इस अवसर पर दिवानी बार के विवेक कुमार सिंह (पूर्व उपाध्यक्ष), नीरज कुमार सिंह, अखण्ड प्रकाश पाण्डेय (पूर्व उपाध्यक्ष), हिमांशु पाण्डेय, पुष्कर चौबे, मनीष सिंह, अंकित राय, सिद्धार्थ सिंह, अनन्त सिंह, गौरव सिंह, अश्वनी सिंह, अभिषेक सिंह, रूपेश सिंह, निशान्त सिंह, सूर्या सिंह अधिवक्ता समेत डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिशन के सदस्य अश्विनी कुमार सिंह, संजय सिंह, राकेश सिंह, मनोज सिंह, अखिलेश सिंह, सन्तोष सिंह समेत सैकड़ो अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन में उपस्थित रहे ।
ताकि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण, संतुलित एवं राष्ट्रहितकारी बनी रहे । अधिवक्ताओ में (UGC) बिल को लेकर काफी विरोध देखा गया । जिसमें काला कानून को वापस लेने के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया । प्रधानमंत्री मुर्दाबाद और अमित शाह मुर्दाबाद के नारे भी लगाये गये । साथ ही यह भी अधिवक्ताओ द्वारा कहा गया कि अगर इस कानून को जल्द से जल्द वापस नही लिया जाता है तो विरोध भविष्य में और व्यापक रूप से किया जायेगा । इस अवसर पर दिवानी बार के विवेक कुमार सिंह (पूर्व उपाध्यक्ष), नीरज कुमार सिंह, अखण्ड प्रकाश पाण्डेय (पूर्व उपाध्यक्ष), हिमांशु पाण्डेय, पुष्कर चौबे, मनीष सिंह, अंकित राय, सिद्धार्थ सिंह, अनन्त सिंह, गौरव सिंह, अश्वनी सिंह, अभिषेक सिंह, रूपेश सिंह, निशान्त सिंह, सूर्या सिंह अधिवक्ता समेत डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिशन के सदस्य अश्विनी कुमार सिंह, संजय सिंह, राकेश सिंह, मनोज सिंह, अखिलेश सिंह, सन्तोष सिंह समेत सैकड़ो अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन में उपस्थित रहे ।
