आदमी पार्टी, जनपद मऊ के जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में सोमवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन आयोजित कर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की तथा छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक और भविष्य की अनिश्चितता जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति युवाओं की आवाज़ बनकर उनके अधिकारों और भविष्य की रक्षा की मांग करता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी बात सुनी जानी चाहिए। शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना सरकार का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार का अनावश्यक बल प्रयोग या अनुचित कार्रवाई हुई है तो उसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
विक्रम जीत सिंह ने कहा,
«"देश का युवा आज न्याय, पारदर्शिता और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहा है। युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उसका सम्मान होना चाहिए। यदि कहीं भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अनावश्यक बल प्रयोग या अधिकारों का हनन हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने तथा युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने हेतु सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। आम आदमी पार्टी युवाओं के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।"»
राष्ट्रपति महोदया के नाम दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि यदि किसी प्रकार की अनुचित पुलिस कार्रवाई हुई है तो उसकी उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त नियंत्रण हेतु कठोर कानून बनाए जाएं तथा युवाओं के रोजगार और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। साथ ही शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
धरना-प्रदर्शन में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीति से ऊपर है। सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस अवसर पर प्रांत सचिव अविनाश कुमार, प्रांत सचिव पुष्पेंद्र राणावत, गुलशन सिन्हा, मो. आदिल, अरमान खान, हैदर अली, रिजवाना खातून सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
