जिले के 121 सीएचओकोटीबी रोगियों की पहचानके बारे में प्रशिक्षण दिया गया
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में क्षय रोगियों की पहचान के बारे में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ आफिसर(सीएचओ) को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है | इसके बाद यह सभी अपने क्षेत्रों में लक्षणों के आधार पर लोगों को परीक्षण के लिये भेजेंगे।टीबी की पुष्टि होने के पश्चात उनके पंजीकरण के साथ सरकार द्वारा निःशुल्क इलाज की सुविधा दिलाने का प्रबंधन करेंगे | यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गिरजेश चंद्र पाठक ने दी।
सीएमओ ने बताया कि कार्यशाला में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को टीबी (क्षयरोग) के लक्षणों के आधार पर रोगियों को पहचान कर उनकी जाँच के लिये भेजने की जानकारी दी गई। इसमें लगातार दो हफ्तों या अधिक समय से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना, शाम को बुखार का आना और ठंड लगना, रात में पसीना आना टीबी के लक्षण हो सकते हैं |
उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि लक्षणों के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को टीबी रोगियों को पहचानने के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें रोगियों को दवा कितने दिनों तक कौन सी खिलानी है। इसकी पूरी जानकारी प्रशिक्षण सत्रों के दौरान दी गई साथ ही उन्हें निक्षय पोषण योजना के तहत क्षय रोगियों के पहचान होने के पश्चात उनके पंजीकरण आदि के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत कराया गया।
डीसीपीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जिले के ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा 121 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
डीपीपीएम जयदेश यादव ने बताया कि जिले के 121 सीएचओ को तीन दिनों (22 से 24 अगस्त) में सुबह नौबजे से शाम पांच बजे तक 13 सत्रों (लगभग 15-20 मिनट प्रत्येक सत्र) में पीपीटी इलेक्ट्रानिक प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यशाला में पशुपतिनाथ सिंह डीपीटीसी, प्रमोद कुमार सिंह द्वारा अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण दिया गया ।
