सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, सिकटिया, मऊ में आज CBSE द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "तनाव प्रबंधन - Stress Management" था, जिसमें सेंट जेवियर्स ग्रुप के विभिन्न विद्यालयों से आए 100 से अधिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ।
इस अवसर पर सेंट जेवियर्स ग्रुप के डायरेक्टर अभिषेक आदित्य, ज्वाइंट डायरेक्टर श्रीमती गरिमा जायसवाल, रेजिडेंशियल डायरेक्टर गौतम जायसवाल , ज्वाइंट रेजिडेंशियल डायरेक्टर श्रीमती दीपिका जायसवाल, एवं एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. कमला पति ठाकुर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में वेन्यू डायरेक्टर संदीप कुमार दुबे, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, मऊ एवं उप-प्रधानाचार्य रवि प्रताप शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु रिसोर्स पर्सन के रूप में श्रीमती ज्योति राय जी (गाजीपुर) एवं सुश्री रीना सिंह जी (गोरखपुर) पधारीं। उन्होंने शिक्षकों को बहुत ही सरल एवं व्यवहारिक तरीके से प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में सेंट जेवियर्स ग्रुप के अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी प्रतिभाग किया, जिनमें प्रमुख रूप से अजय कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स स्कूल, बरहज, राज बल्लभ श्रीवास्तव , प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शाहगंज-जौनपुर, प्रसेनजीत मुखर्जी, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, गाजीपुर, डॉ. कमला पति ठाकुर, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घोसी-मऊ, एवं श्रीमती शोभा सिंह, प्रधानाचार्या, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सैदपुर-गाजीपुर सहित श्रीमती विजय लक्ष्मी, उप-प्रधानाचार्या, सेंट जेवियर्स स्कूल, शाहगंज उपस्थित रहीं। सभी शिक्षकगण ने बड़े उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया।
रिसोर्स पर्सन ने बताया कि आज के समय में शिक्षक पर काम का दबाव, सिलेबस, परीक्षा, घर-परिवार की जिम्मेदारी - इन सब कारणों से तनाव बढ़ रहा है। यदि शिक्षक तनाव में रहेगा, तो वह बच्चों को सही दिशा नहीं दे पाएगा। इसलिए पहले शिक्षक को अपने मन को शांत रखना सीखना होगा।
प्रशिक्षण में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई :
1. शिक्षकों का तनाव कैसे कम हो?- ठहराव, गहरी साँस, सकारात्मक सोच, कार्य का सही विभाजन और मन की बात साझा करना।
2. बच्चों का तनाव कैसे कम कराएँ? बच्चों को डाँटकर नहीं, प्यार से समझाकर, उनकी बात सुनकर, परीक्षा के डर को दूर करके और मुस्कुराकर पढ़ाकर।
3. कक्षा में शांत वातावरण कैसे बनाएँ? शिक्षक की मुस्कान ही बच्चे के लिए सबसे बड़ी दवा है।
साथ ही शिक्षकों को समूह गतिविधियों, उदाहरणों और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से तनाव को पहचानने और उसे दूर करने के तरीके भी सिखाए गए।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य संदीप कुमार दुबे ने अपने संबोधन में कहा -
"शिक्षक ही समाज को सही दिशा देने वाला निर्माता है। यदि शिक्षक का मन शांत होगा, तो ही वह बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना पाएगा। इसीलिए CBSE द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कराए जाते हैं, ताकि शिक्षक नए-नए तरीकों से अपने तनाव को कम कर सकें और बच्चों को भी तनाव मुक्त शिक्षा दे सकें। आज का प्रशिक्षण सभी शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा है।"
उप-प्रधानाचार्य रवि प्रताप शर्मा ने कहा
"इस प्रशिक्षण से शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शिक्षक अब न केवल अपने तनाव का प्रबंधन कर सकेंगे, बल्कि बच्चों के मन को भी समझकर उन्हें परीक्षा के दबाव से मुक्त कर सकेंगे। ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए, इससे विद्यालय और समाज दोनों का विकास होता है।"
वेन्यू डायरेक्टर संदीप कुमार दुबे ने सभी अतिथियों, रिसोर्स पर्सन, प्रधानाचार्यों एवं सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
