जनपद मऊ के घोसी तहसील अंतर्गत बड़रांव गांव की बेटी डॉ. श्वेता राय ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यों से जनपद सहित उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बिहार की राजधानी पटना स्थित लोक भवन में 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित ‘किसान सम्मान एवं किसान सहयोग विमर्श’ कार्यक्रम में बिहार के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन के कर-कमलों से उन्हें प्रतिष्ठित ‘बिहार कृषि सम्मान’ प्रदान किया गया। ‘विकसित भारत @2047 – कृषि: आत्मनिर्भरता से उद्यमिता की ओर’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही बिहार सरकार की उद्योग एवं खेल विभाग की मंत्री श्रीमती श्रेयसी सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. श्वेता राय को बिहार में कृषि क्षेत्र के उत्कृष्ट विकास, उन्नत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा मोटे अनाजों के बीजों एवं औषधीय पौधों के संवर्धन और संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। विशेष उपलब्धि यह रही कि पूरे बिहार से इस सम्मान के लिए चयनित छह विशिष्ट व्यक्तियों में डॉ. श्वेता राय एकमात्र महिला हैं।बड़रांव गांव, घोसी और पूरे जनपद मऊ के लिए यह उपलब्धि विशेष गौरव का विषय है। डॉ. श्वेता राय पंडित स्वर्गीय रामसूरत राय की पौत्री तथा स्वर्गीय लाल बहादुर राय एवं डॉ. कमला राय की पुत्री हैं। उनका विवाह बक्सर, बिहार के उमरपुर निवासी डॉ. दिनेश राय एवं श्रीमती सुशीला देवी के परिवार में हुआ है। डॉ. श्वेता राय प्रारंभ से ही मेधावी एवं बहुमुखी प्रतिभा की धनी रही हैं। उन्होंने अपनी पीएचडी सहित उच्च शिक्षा काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से प्रथम श्रेणी में पूर्ण की है। शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों और उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. श्वेता राय की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि जनपद मऊ एवं उत्तर प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक है। उनकी सफलता ने यह सिद्ध किया है कि समर्पण, ज्ञान और अथक परिश्रम के माध्यम से कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में हर्ष एवं गर्व का माहौल है।
