लखनऊ : प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों और निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों का इंतजार समाप्त होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (2 सितम्बर) को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का ‘पोर्टल’ और ‘लोगो’ लांच करेंगे। इस अवसर पर वह प्रस्तावित बढ़ा मानदेय दिए जाने की घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों में होगा। जिलों में तैनात आउटसोर्स कार्मिक इस आयोजन से जुड़ेंगे। बुधवार को दिन में 11 बजे लोकभवन में यह कार्यक्रम होगा।
आउटसोर्स सेवा निगम की प्रबंध निदेशक अमृता सोनी ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जिलों में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों को इस आयोजन से जोड़ने का प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान के मुताबिक इस कार्यक्रम से ही मुख्यमंत्री आउटसोर्स सेवा निगम के कार्यालय का लोकार्पण भी करेंगे। प्रदेश में अभी 2.70 लाख आउटसोर्स कार्मिकों के सेवा में होने की जानकारी विभागों से मिली है। विभाग निगमों के कार्मिकों को भी इससे जोड़ेंगे तो यह संख्या और बढ़ेगी। पोर्टल लांच होने के बाद आउटसोर्स के माध्यम से भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। मैन पावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन भी तत्काल शुरू किया जाएगा।
आपको बता दें कि दो सितंबर 2025 को आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को कैबिनेट की स्वीकृति मिली थी। 20 सितंबर को इसका शासनादेश जारी हुआ था। निगम का गठन कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत एक गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है। इसके जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रोकने और हर महीने की पांच तारीख तक मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने का प्रविधान है। आउटसोर्स की भर्तियों के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। श्रेणी एक के पदों के लिए 40 हजार, श्रेणी दो के पदों के लिए 25 हजार, श्रेणी तीन के पदों के लिए 22 हजार तथा श्रेणी चार के पदों के लिए 20 हजार रुपये मासिक मानदेय तय किया गया है। आउटसोर्स कार्मिकों को सरकार ईएसआइसी, ईपीएफ, चिकित्सा जैसी सामाजिक सुरक्षा भी देगी।

