लिपुलेख दर्रे के माध्यम से कैलाश यात्रा पर गया इस वर्ष का अंतिम दल भी गुरुवार देर रात भारत आ गया। जिले के रामाश्रय सिंह इस दल के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे।यह उनकी दूसरी कैलाश यात्रा रही।इसके पूर्व 2007 में भी वे कैलाश-मानसरोवर की यात्रा कर चुके हैं। आपको बता दें कि भारत और चीन सरकार के सहयोग से आयोजित यह यात्रा विगत 5 वर्षों से स्थगित थी।पिछले वर्ष प्रारंभ हुई इस यात्रा में 10 दलों ने नाथुला और लिपुलेख दर्रों से यात्रा की। बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा इस यात्रा के लिए ई-लाटरी के माध्यम से सदस्यों का चयन होता है। तत्पश्चात विभिन्न स्तरों पर स्वास्थ्य परीक्षण में सफल यात्री ही इसके लिए पात्र होते हैं।इस वर्ष 941 यात्री ही इसके लिए पात्र रहें।भीटी निवासी रामाश्रय सिंह द्वारा 61 वर्ष की उम्र इस यात्रा को संपन्न करना वास्तव में जिले के लिए गर्व का विषय है।
