शतचंडी के मंत्र और स्वाहाकार से गूंज उठा महालक्ष्मी शक्तिपीठ, भव्य भंडारा


मऊ। “या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” के मंत्रोच्चार और पूर्णाहुति के स्वाहाकार से शुक्रवार को कोल्हापुर स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी शक्तिपीठ मंदिर परिसर गूंज उठा। काशी के प्रकांड वैदिक विद्वानों के आचार्यत्व में पिछले 10 दिनों से चल रहे 18वें शतचंडी महानुष्ठान का विधिवत समापन श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर परिसर स्थित रंकभैरव मंदिर में पूर्णाहुति यज्ञ के साथ हुआ।
51 शक्तिपीठों पर शतचंडी महानुष्ठान संपन्न कराने के संकल्प के क्रम में इस वर्ष महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित प्रख्यात महालक्ष्मी शक्तिपीठ में 18वां अनुष्ठान आयोजित किया गया। शतचंडी अनुष्ठान भक्त मंडल मऊ के प्रमुख एवं जायसवाल समाज सेवा समिति के अध्यक्ष लालबहादुर जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस अनुष्ठान में मऊ, बलिया, गाजीपुर सहित विभिन्न जनपदों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सपरिवार 10 दिनों तक प्रवास कर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
काशी के प्रकांड वैदिक विद्वान आचार्य मथुरा प्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में काशी से आए 12 वैदिक विद्वानों ने विधि-विधान से शतचंडी अनुष्ठान संपन्न कराया। इनमें सुनील जी महाराज, रामावतार जी, रवि जी, अंकित जी, जितेंद्र मिश्र, दिनेश जी, रामनारायण पाठक जी सहित अन्य वैदिक विद्वान शामिल रहे।
अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन प्रातः गणेश पूजन, वास्तु पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, नवग्रह पूजन आदि के पश्चात मां दुर्गा का पूजन एवं शतचंडी पाठ किया जाता रहा। सायंकाल भजन, प्रवचन एवं सत्संग के बाद मां अंबे की आरती संपन्न होती थी। लगातार 10 दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के उपरांत शुक्रवार को विधि-विधान से पूर्णाहुति यज्ञ संपन्न हुआ।
पूर्णाहुति के बाद कन्या पूजन एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महालक्ष्मी मंदिर के कार्यालय प्रमुख सागर जी ने पूजन, दर्शन एवं अनुष्ठान की व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग प्रदान किया। वहीं कोलकाता से आए अंकिता एवं अमित जी द्वारा पूरे 10 दिनों तक फलाहार एवं प्रसाद-भोजन की व्यवस्था की गई।
अनुष्ठान को सफल बनाने में राजन जायसवाल, राजेश राय, हरीलाल जायसवाल, प्रवीण जायसवाल, शशिदेव जायसवाल, संतोष जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, विक्रांत, ऋतिक, राजू जायसवाल, लालचंद गुप्ता, अशोक सिंह, चंदन, अमित, अखिलेश जायसवाल, डॉ. सुरेश गुप्ता, सुरेश चौरसिया, राजेश जायसवाल, रामेश्वर प्रसाद, श्रीराम, रामलखन, अखिलेश, दुर्गा जायसवाल, वंदना, सुनीता, मुन्नी देवी, कांति देवी एवं बेबी सहित श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने मां महालक्ष्मी से समस्त समाज, क्षेत्र एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।
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