केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हिंदू जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार, वर्षा जल संचयन, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाना था, लेकिन मऊ जनपद में योजना का उद्देश्य धरातल पर पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं, कई झाड़-झंखाड़ से पटे हैं और कई स्थानों पर निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि सरकार की मंशा जनहितकारी है, लेकिन कथित भ्रष्टाचार और मिलीभगत ने योजना की छवि खराब कर दी है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो सरकारी योजनाओं पर जनता का विश्वास कमजोर होगा।
प्रांत उपाध्यक्ष राज श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष मनीष सिंह ने मांग की कि अमृत सरोवरों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए तथा जिन अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध मिले, उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रांत मंत्री रवि गुप्ता, मंडल अध्यक्ष रवि सैनी, यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष आर्यन सिंह तथा नगर अध्यक्ष रोशन सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद कुछ लोगों की कथित लापरवाही से योजना प्रभावित हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो संगठन इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देने से भी पीछे नहीं हटेगा।
