नाम एक रूप अनेक
शिव महापुराण कथा के सातवें दिन हनुमान नगर मोहल्ला जनपद मऊमें स्थित हनुमान मंदिर पर वृंदावन से पधारी साध्वी पूजा शास्त्री जी ने बताया कि जो मन की व्यथा को दूर कर देती है वही कथा होती है भगवान शिव ज्यादातर कष्ट में ही याद आते हैं। विभिन्न रूपों में भगवान बोल शंकर ने पृथ्वी पर अवतरित हुए। ईश्वर को कभी सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता क्योंकि वह सर्व शक्तिमान एवं व्याप्त हैं। भगवान भोलेनाथ प्रकाश के स्वरूप हैं उनके प्रकाश से प्राणी का जीवन प्रकाशित होता है ,क्योंकि मनुष्य खाली हाथ पैदा होता है और खाली हाथ जाना पड़ता है लेकिन वह मोह माया में फंसकर पूरा जीवन इधर-उधर भटकता रहता है। भगवान के पूजन अर्चन में जो अपना समय व्यतीत करता है वही जीवन का सार्थक क्षण होता है, अन्यथा मनुष्य अपना संपूर्ण जीवन झूठी शोहरत मोह माया में व्यतीत करता है। व्यास पीठ से बताया गया कि शिव पुराण की कथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है और समाज में बुराइयों को कम करती है तथा धर्म के प्रति लोगों के मन में विश्वास को जाग्रत करती है ।शिव पार्वती के कथा के मुख्य यजमान ऋषिकेश पांडेय एवं संजय तिवारी संतोष आचार्य जी के द्वारा अपने परिवार के साथ पूजन करके कथा को प्रारंभ कराया तथा शिव पार्वती का कन्यादान भी किया। शिव पार्वती की झांकी एवं शिव तांडव से पूरा कथा पंडाल शिव मय हो गया। निर्भय कुमार राय के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम से भी आज का पूरा कार्यक्रम प्रसारित किया गया।जनपद के प्रख्यात सर्जन डॉ एस सी तिवारी, शिक्षाविद राम जी उपाध्यक्ष विजय शंकर तिवारी एवं व्यवसाय के क्षेत्र से श्री राम जपित पांडेय श्री अशोक सिंह संत जी साध्वी पूजा शास्त्री जी को अंगवस्त्रम एवं पंचदेव की मूर्ति से सम्मानित किया। शिव कथा के आयोजक अवध बिहारी पांडेय ने व्यास पीठ से सम्मानित जनों को सम्मानित कराया। माता बहनों की अपार भीड़ थी।
अंत में आरती एवं प्रसाद के पश्चात कथा का समापन हुआ। आज की कथा में आशीष गुप्ता उर्फ पल्लू संतोष कुमार चौबे ,नित्यानंद सिंह ,विवेकानंद पांडेय, अखिलेश यादव, राम अवध सिंह उपस्थित रहे।
