मऊ। भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, ऊर्जा और जीवन की गुणवत्ता का आधार है। यदि भोजन सुरक्षित और स्वच्छ न हो, तो वही भोजन अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। जबकि अपने खाद्य पदार्थ को लेकर थोड़ी बहुत समझदारी से निर्णय लिए जाए तो काफी कुछ बेहतर किया जा सकता है। उपरोक्त बातें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपभोक्ता प्रतिनिधि श्रीराम जायसवाल ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहाकि सुरक्षित भोजन हर व्यक्ति का अधिकार है और उसकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी। ऐसे में खाद्य पदार्थ सुरक्षा को लेकर प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है।
खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन उपभोक्ता प्रतिनिधि राकेश कुमार तिवारी ने फुटपाथ, ठेला, खोमचा दुकानदारों को संबोधित करते हुए कहाकि समाचार पत्र, अखबार या अन्य किसी प्रकार के भी प्रिंटेड पेपर पर खाद्य सामग्री परोसन कतई उचित नहीं है। क्योंकि उसमें लगे हुए रासायनिक रंग लोगों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं ऐसे में जागरूकता ही बचाव है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर उपभोक्ता प्रतिनिधियों द्वारा नगर के प्रमुख मोहल्ले में घूम-घूम कर फुटपाथ ठेला व अन्य खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को जागरूक करने का काम किया गया।
गौरतलब हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दूषित भोजन के कारण हर वर्ष करोड़ों लोग खाद्य जनित बीमारियों का शिकार होते हैं। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस हमें यह संदेश देता है कि भोजन की सुरक्षा केवल सरकारों या खाद्य उत्पादकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। भोजन खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, निर्माण एवं समाप्ति तिथि की जांच करना, स्वच्छ वातावरण में भोजन तैयार करना, साफ पानी का उपयोग करना तथा खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण करना अत्यंत आवश्यक है। आज के समय में मिलावट, रासायनिक प्रदूषण और अस्वच्छ खाद्य प्रबंधन जैसी चुनौतियों के बीच हमें अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। सुरक्षित भोजन न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
