विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की आवाज पर बिजली के निजीकरण के विरोध में किया विरोध प्रदर्शन

 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के केन्द्रीय आह्वान पर सरकार द्वारा बिजली के नीजीकरण के उद्देश्य से विद्युत अधिनियम 2025 को संसद में पेस करनें की कोशिश के विरोध में प्रदेश के सभी जनपदों एवं परियोजनाओं के साथ-साथ जनपद मऊ मुख्यालय पर स्थित कार्यालय अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण  मण्डल मऊ के मुख्य द्वार पर भेाजनावकाश में जनपद मऊ के ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी, अवर अभियन्ता, अभियन्ता आदि द्वारा शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करके व्यापक जनहित किसानों एवं कर्मचारी हित में विद्युत अधिनियम 2025 रद्द करनें एवं बिजली क्षेत्र के नीजीकरण के फैसले के साथ साथ पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल बिजली निगम के नीजीकरण के फैसले को रद्द करनें की माॅग की गयी। क्योंकि इलेक्ट्रिक सीटी (अमेन्डमेन्ट) बिल पारित हो जाने के बाद देश में बिजली का नया कानून लागू हो जायेगा। नये कानून के तहत नीजी कम्पनियों को सरकारी डिस्काम का नेटवर्क इस्तेमाल कर बिजली वितरण का लाइसेन्स प्राप्त हो जायेगा। एक प्रकार से देश के सम्पूर्ण उर्जा क्षेत्र के नीजीकरण का द्वार खुल जायेगा। तथा कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। जिसे उर्जा क्षेत्र के कर्मचारी अभियन्ता, किसी भी कीमत पर स्वीकार नही करेंगे। विरोधप्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त संघर्ष समिति विद्युत कर्मचारी जनपद मऊ के संयोजक सूर्यदेव पाण्डेय ने किया।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सूर्यदेव पाण्डेय, रघुनन्दन यादव, धर्मेन्द्र निगम, इंजी0 जमुना प्रसाद, अरूण श्रीवास्तव, ई0 प्रमोद कुमार, सुनील, अशोक चौहान


, सुशील दूबे, नर्वदेश्वर त्रिपाठी, धर्मेन्द्र निगम, पवन सोनकर, अवनीश यादव, आदि लोग उपस्थित रहे।