सेमेस्टर परिणाम अव्यवस्था पर अभाविप का हल्ला बोल, कुलपति का घेराव कर सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन

मऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मऊ ज़िले के कार्यकर्ताओं द्वारा महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आज़मगढ़ के कुलपति महोदय को सेमेस्टर परिणामों में व्यापक असफलता, शैक्षणिक अव्यवस्था एवं पारदर्शिता की कमी को लेकर 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

अभाविप प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम ने कहा कि विश्वविद्यालय में बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम. तृतीय वर्ष के अनेक विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक परिणाम में प्रदर्शित नहीं हुए हैं तथा कई विद्यार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाया गया है, जो अत्यंत गंभीर विषय है।

परिषद ने परीक्षा पद्धति में एकरूपता की मांग करते हुए ओएमआर आधारित परीक्षा प्रणाली पर प्रश्न उठाया और लिखित परीक्षा प्रणाली को ही छात्र के भाषा, विचार, विश्लेषणात्मक क्षमता एवं तकनीकी दक्षता के मूल्यांकन हेतु उपयुक्त बताया।

ज्ञापन में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर नियमित कक्षाओं के संचालन की निगरानी सुनिश्चित करने, सेमिनार एवं अन्य गतिविधियों में अनावश्यक संलग्नता सीमित करने तथा प्रयोगात्मक परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई।

इकाई अध्यक्ष अंशु सिंह पटेल ने कहा कि महाविद्यालयों में संभावित अवैध वसूली एवं अनियमितताओं की जांच, शिक्षकों की ड्यूटी का पुनर्संतुलन, असफल छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं, परामर्श सत्र एवं पुनर्परीक्षा की व्यवस्था, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों हेतु स्पेशल बैक की सुविधा, तथा सत्र 2026-27 में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

अभाविप ने यह भी मांग की कि प्री-पीएच.डी. कोर्स वर्क में पार्ट टाइम शोधार्थियों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाए तथा पार्ट टाइम एवं फुल टाइम पीएच.डी. की फीस में अंतर कम किया जाए। साथ ही सभी वित्तपोषित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की विषयवार सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाए।

प्रांत मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित एवं ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो अभाविप व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस दौरान सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति की अनुपस्थिति में छात्रों ने अपनी समस्या कुलसचिव के सामने रखी। कुलसचिव ने एक सप्ताह के भीतर समाधान करने एवं डीसीएसके महाविद्यालय आकर  विद्यार्थियों से मिलने का वादा किया। इस अवसर पर डीसीएसके महाविद्यालय के कॉलेज इकाई अध्यक्ष अंशु सिंह पटेल,प्रांत मीडिया सहसंयोजक अविनाश गुप्ता,जिला संयोजक अनन्या शर्मा,मऊ जिला संगठन मंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह, आजमगढ़ विभाग संगठन मंत्री आदित्य गांधी,बलिया विभाग संगठन मंत्री रंजीत सिंह, आशुतोष गुप्ता,अंजली,गोल्डी, प्रिया,सोनम,संध्या,महक,रश्मि, सिद्धांत आदि मौजूद रहे।