लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल, खालिसपुर, मऊ के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड–2025 में लहराया सफलता का परचम

 हिंदी विकास संस्थान, दिल्ली द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड–2025 के अंतर्गत लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल, खालिसपुर, मऊ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को त्रि-मूर्ति भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय, नई दिल्ली के सभागार में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

वर्तमान समय में जहाँ आधुनिक भाषाओं की दौड़ में हिंदी भाषा को प्रायः पुरातन मान लिया जाता है, वहीं इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कर हिंदी भाषा को नई पहचान, नई दिशा एवं वैश्विक मंच प्रदान करने का यह एक सराहनीय एवं प्रेरणादाई प्रयास है।

बच्चो के आलौकिक प्रतिभा तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली संस्था द्वारा लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल, खालिसपुर, मऊ को इस वर्ष का "राष्ट्रीय हिंदी प्रेरक सम्मान" से सम्मानित किया गया |

दिल्ली के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में –
डा. विनोद नारायण इंदु कर ( संस्कृति मंत्रायल भारत सरकार ) 
डा . पाटिल प्रांजल ( आई. एस . शिक्षा निदेशालय दिल्ली सरकार ) 
डा. पूरण चाँद टंडन ( भारतीय अनुवाद परिषद् दिल्ली ) 
डा. कैलास जाधव ( संयोजक , गोवा हिंदी अकादमी ) 
इनकी उपस्थिति में - 



शिवांश पांडेय (कक्षा 4) ने स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय हिंदी प्रतिभा सम्मान तथा ₹500 की पुरस्कार राशि प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

लक्ष्मी (कक्षा 9) ने स्वर्ण पदक के साथ "हिंदी बालश्रेष्ठ सम्मान" अर्जित कर अपनी उत्कृष्ट भाषाई दक्षता का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत किया।

वहीं वंशिका यादव (कक्षा 11) ने स्वर्ण पदक एवं "राष्ट्रीय हिंदी प्रतिभा सम्मान" प्राप्त कर विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय सहित समस्त मऊ जनपदवासियों के लिए यह उपलब्धि हर्ष उल्लास एवम गर्व का विषय बन गयी | 

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती जीता लेप्रा प्रबंधक श्री मुरलीधर यादव जी ने विद्यार्थियों की अथक मेहनत, आत्मविश्वास एवं धैर्य की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन तथा विद्यालय के सुदृढ़, संस्कारयुक्त एवं प्रेरणादाई शैक्षिक वातावरण को इस सफलता का आधार बताया।