राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह मऊ का आकस्मिक निरीक्षण किया गया


माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ श्री रामेश्वर महोदय के मार्गदर्शन में राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) मऊ का आकस्मिक निरीक्षण श्री कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ द्वारा किया गया। निरीक्षण के समय जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री समर बहादुर सरोज साथ में उपस्थित रहे।

सचिव द्वारा किशोरों से पूछ ताछ के दौरान किशोरों से जानकारी मिली की तीन बच्चों का एडमिशन कालेज प्रबंधन द्वारा लेने से मना कर दिया गया है, जिस पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी तथा सम्बंधित कालेज के प्रधानाचार्य को यह निर्देश दिया गया कि बाल सम्प्रेक्षण गृह में निरुद्ध बच्चों का प्रवेश मात्र इस आधार पर नहीं रोका जा सकता कि इनके सम्बंध में कोई कार्यवाही किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित है। कौशल विकास योजना के सम्बंध में सभी किशोरों को रजिस्ट्रेशन कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसमें एक आधार और एक फोटो लगाया जाना है। साथ ही शिक्षा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही विद्यांजली योजना के सम्बंध में भी जानकारी दी गयी, जो एक स्वैच्छिक स्कूल कार्यक्रम है। इसके लिए दिव्यांजली पोर्टल vidyanjali.education.gov.in की वेबसाइट है। जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री समर बहादुर सरोज द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, विधवा पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन, प्रवर्तता योजना आदि के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें से कुल 10 बच्चे लाभार्थी पाये गये, जिनके फार्म भर कर भेजे जाने हेतु सम्बंधित को निर्देशित किया गया।

प्रभारी अधीक्षक द्वारा बताया गया कि राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में वर्तमान समय में 97 किशोर रह रहे हैं, जिसमें से जनपद मऊ के 25 बलिया के 31 एवं आजमगढ़ के 40, जनपद मेरठ से स्थानान्तरित बागपत जिले का -01 किशोर निरुद्ध हैं। जनपद आजमगढ़ के 5,बलिया के 02 किशोर मा0 न्यायालय में पेशी पर भेजे गये है। एवं एक किशोर जनपद बलिया में आयु परीक्षण हेतु भेजा जाना बताया गया।
प्रभारी अधीक्षक से पूछ ताछ के दौरान उनके द्वारा बताया गया कि प्रातः नाश्ता में किशारो को नाश्ता में कचौड़ी,चाय, मिठाई, दोपहर भोजन में चावल,दाल,रोटी, सब्जी (कद्दू की) सलाद दिया गया था। भोजन के सम्ब्ंध में किसी किशोर ने कोई शिकायत नहीं किया।
किशोरों से उनके केस की पैरवी के सम्बंध में पूछा गया तो उनके द्वारा केस की पैरवी उनके अधिवक्ता का होना बताया गया।