शारदा नारायन हास्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डा0 संजय सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्वाजली देकर उनको नमन किया। डा0 सिंह ने कहा कि वीरता और पराक्रम के पर्याय महाराणा प्रताप को उनकी जंयती पर सादर नमन ,उनके साहस पर संघर्ष की गाथा देशवासीयों को सदा प्रेरित करती रहेगी। अपने साथ उन्होने समाज के हर वर्ग के लोगो को जोड़ा और सबका विश्वास प्राप्त किया। महाराणा प्रताप के अद्वितीय साहस और पराक्रम के बिना भारतीय इतिहास की गौरवगाथा की कल्पना करना असम्भव है। डा0 सिहं ने महाराणा प्रताप के जीवनी पर प्रकास डालते हुए कहा कि साल 1540 में इसी दिन मेवाड़ के महान राजपूत शासक महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था, हर साल इस दिन को देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। राजस्थान के कुंभलगढ़ में जन्में महाराणा प्रताप भारत के महान राजाओं में से एक थे जिन्होंने कई मुगल शासकों को बुरी तरह पछाड़ा था। महाराणा प्रताप ने अपनी मां से युद्ध कौशल सीखा था। अन्त में डा0 सिंह ने कहा कि अद्भूत शौर्य हमारे स्वर्णिम इतिहास की एक मुकुटमणि है मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए कैसे परिश्रम की पराकाष्ठा हो महाराणा प्रताप का जीवन हमें सीख देती है जिसका हमें सदैव पालन करने की कोशिश करनी चाहिए।
