जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन राम स्वरुप भारती, इण्टर कालेज, भीटी, में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में बच्चों के अधिकार एवं उनके संरक्षण के सम्बंध में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव द्वारा बच्चों का संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम मिशन शक्ति नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन, नारी सुरक्षा के दृष्टिगत किया जा रहा है। शिविर में उपस्थित बच्चों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण तथा उनके अधिकारों के सम्बंध में सचिव द्वारा बच्चों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण के अतिरिक्त पाक्सों एक्ट 2012 के बारे में विस्तार से उपस्थित बच्चों को जानकारी दी गयी। उन्होने कहा कि इस कानून के जरिए नाबालिग बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों मंे कार्यवाही के संबंध में जानकारी दी गयी। यह भी बताया गया कि इस कानून के अन्तर्गत अलग-अलग अपराध के लिए अलग अलग सजा निर्धारित की गई है।
सचिव द्वारा बाल अधिकार साक्षरता का प्रचार प्रसार करने और बच्चों के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपाय के बारे में जागरुकता फैलाने हेतु बच्चों को जागरुक किया गया। सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि बाल अधिकारों का उलंघन व उपेक्षा यदि होती है तो बच्चों के विकास और संरक्षण के लिए बनाये गये कानून का क्रियान्वनय नहीं हो पाता है। बच्चों के कल्याण और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए दिये गये नीति निर्णयों, दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किये जाने के सम्बंध में उपस्थित बच्चों को बताया गया। सचिव द्वारा बताया गया कि लड़का व लड़की में कोई भेदभाव नहीं, दोनों को स्कूल जाने एवं शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार। यह भी बताया गया कि लड़का व लड़की में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए दोनों के लिए एक समान व्यवहार करना चाहिए, जितना शिक्षा लड़का ग्रहण करता है, उतनी लड़की भी करें, ऐसी सोच सभी को रखने की आवश्यकता पर सचिव द्वारा जोर दिया गया। सचिव द्वारा बताया गया कि यदि लड़का लड़की में भेद भाव होगा तो एक दूसरे के प्रति आगे बढ़ने की भावना प्रभावित होगी तथा उनके मनोबल पर गलत प्रभाव पड़ेगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जननी और उसके बच्चे की देखभाल के लिए 6000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पहले चरण में 1000 रूपये, दूसरे चरण में 2000 रूपये और तीसरे चरण में 2000 रूपये गर्भवती महिलाओें को दिये जाते हैं। शेष 1000 रूपये की आर्थिक सहायता तब मिलती है जब गर्भवती महिला बच्चे को किसी अस्पताल में जन्म देती है। उन्होने बताया कि बालिकाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने तथा उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं को 15000 रूपये की आर्थिक सहायता छह चरणों में दी जाती है। उन्होने ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या हो जिसका निस्तारण नही हो रहा है या किसी अधिकारी कर्मचारी द्वारा आप की बातों को सुना नहीं जाता है तो उसकी लिखित शिकायत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायालय परिसर में दें।
उक्त अवसर पर हूॅमा रिजवी, परामर्शदाता परिवार न्यायालय, अधिवक्ता शौरभ राय, अर्चना राय, रेनू पाण्डेय, अनिता यादव प्रोबेशन कार्यालय सहित कालेज के अध्यापकगण तथा छात्र/छात्राएं उपस्थित रहीं।
