रतनपुरा --किसान दिवस पर बिल वापस लेने व किसानों के समर्थन में एक दिवसीय उपवास का आयोजन

किसान दिवस पर किसान बिल वापस लेने एवं किसानों के समर्थन में रतनपुरा ब्लॉक मुख्यालय अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिला लेख के प्रांगण में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता निसार अहमद ने अपना विचार व्यक्त करते हुए बताया कि
 किसानों के लिए नया कृषि नीति बहुत ही घातक है इसमें कमियाँ ही कमियाँ हैं, यह विधेयक सोच समझकर, खेती और किसान को, उद्योग पतियों के हवाले करने हेतु बनाया गया है। कांट्रॅक्ट फार्मिंग के नाम पर, लालच देकर, कारपोरेट, बडी़ कंपनियां, किसानों का खेत एग्रीमेंट करलेगी और मनमाने शर्तें लिख कर सब खेती हड़प लेंगीं और अपनी ही खेत पर, किसान बंधुआ मजदूर बन जायेगा, उसमें न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी है, न ही फसल बीमा, न ही किसान बीमा, और नहीं, विवाद होने पर, कोर्ट या ट्रिब्यूनल की ब्यवस्था है, विवाद एसडीएम निपटायेगा, सरकार का एक्जीक्यूटिव अफसर??? और मंडियों में खरीद बिक्री पर दो प्रतिशत टैक्स, बाहर नो टैक्स, सबसे बुरी बात है, अन्न, तिलहन, आलू, प्याज के भंडारण की अधिकतम् सीमा समाप्त, ईसी एक्ट के बाहर, और इस तरह, जमाखोरी, कालाबजारी बढ़ेगी और आमजनता, 05 की चीज 50 में खरीदने पर मजबूर होगी.! इस तरह, यह कानून कुबिचारित है और पूरी तरह आमजनता, किसानों के बिरूद्ध है और सोच समझकर, कुछ खास उद्योगपतियों के लाभ के लिए बनाया गया है।ज्यादा नहीं मोटा मोटी यू समझिए कि खेती कारपोरेट के हवाले।
पूजीपतियों को जमाखोरी करने का अधिकार।
मंडी सिस्टम खत्म,मीनिमम सपोर्ट प्राइसMSP खत्म। जिसकी अध्यक्षता समाजवादी नेता निसार अहमद ने किया। वक्ताओं में देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश किसान सभा मऊ ,जितेन्द्र राजभर, मुन्ना यादव, मंगला यादव,प्रगतिशील किसान सुभाष पाण्डेय इटैली, मन्नू यादव, सुभाष राजभर,रवि राजभर, महेन्द्र यादव, ओमप्रकाश राजभर, रामाश्रय यादव, यशवन्त यादव, धनराज राजभर आदि लोगों ने अपनी बात रखी ।