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मऊ--भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि, सोनिया गांधी और राहुल गांधी स्पष्ट करे की कांग्रेस का हाथ चीन और पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ है, क्योंकि दोनों ही नेता भारत के विरुद्ध चीन कि भाषा बोलने के साथ ही भारतीय सेना का मनोबल तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
आज जब पूरा देश चीन की चालबाजियों के विरुद्ध एक जुट होकर खड़ा है फिर भी इस विषम परिस्थिति में अपनी आदतानुसार कांग्रेस पार्टी और उसके नेता देश की राष्ट्रवादी नीतियों के खिलाफ खड़े होकर चीन को अपरोक्ष रूप से खाद पानी देने का घृणित कार्य कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी के नेता मां भारती के बिगड़े बच्चे की तरह बर्ताव कर रहे हैं, कांग्रेसी सत्ता के बिना बीन पानी के मछली की तरह तड़प रहे हैं।
जब पूरा देश एक स्वर में राष्ट्रवाद की भाषा बोल रहा है तो इनके तथाकथित युवा शहजादे अपने ओछी राजनीति और उल जुलुल बयानों से चीन को मदद पहुंचाने पर उतारू हैं, इनकी अध्यक्षा सोनिया गांधी सर्वदलीय बैठक में सरकार के साथ नहीं बल्कि चीन के साथ खड़ी नजर आ रही थी। पूरा देश कोराना महामारी से पीड़ित है लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेता दोयम दर्जे की राजनीति से प्रेरित है।
सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने भ्रष्टाचार और ओछी राजनीति कि सारी सीमाएं पार कर दी है। देश ने मुख्य विपक्षी दल की इतने निम्न स्तर की राजनीति पहले कभी नहीं देखी थी, सरकार मे रहते हुए सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए थे, देश का कोई हिस्सा ऐसा नहीं था जहा नेहरू परिवार ने भ्रष्टाचार न किया हो। इनकी नियत इतनी खराब थी कि, इन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष का पैसा भी राजीव गांधी फाउंडेशन में ट्रांसफर करा लिया जिसकी अध्यक्षा खुद सोनिया गांधी थी। आज राहुल और सोनिया खुद कनफ्यूज हैं, उनको कुछ सूझ नहीं रहा है, ऐसा लगता है कि सोनिया और राहुल विदेशियों के इशारे पर और पूरी कांग्रेस पार्टी इन मा बेटों के इशारों पर नाच रही है। तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार कि राजनीति करने वाले आज देश की राष्ट्रवादी सरकार की नीतियों के खिलाफ जाकर राजनीतिक स्तर की पराकाष्ठा पार कर गए हैं ।
हमारे प्रधानमंत्री विषम परिस्थितियों में भी सैनिकों के बीच जाकर सेना का मनोबल बढ़ा रहे है, इधर कांग्रेस पार्टी के तथाकथित युवा नेता घर में बैठकर सिर्फ आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करके सेना का मनोबल तोड़ने का कार्य कर रहे है। कांग्रेस के पास राष्ट्रवाद को लेकर न तो कोई नियत है न नीति है और नहीं इनके पास कोई नेता है। ले दे कर वहीं नेहरू एंड फैमिली है जिनकी मेरिट बस इतनी है की किसी के पास दादी जैसी नाक है तो किसी के पास पापा जैसी हेयर स्टाईल है, सबसे जरूरी चीज जो राष्ट्रीय हित की भावना होनी चाहिए वह इनके पास बिल्कुल भी नहीं है।


