लाॅकडाउन से प्रभावित शहरी पथ विक्रेताओं, रेहड़ी, फरीवालों हेतु आजीविका/रोजगार प्रारम्भ करने हेतु एक लघु ब्याज आधारित अनुदान ऋण सुविधा।

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पीएम स्ट्रीट वेण्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना 
पथ विक्रेता शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। वर्तमान में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने हेतु उठाये गये कदमों, विशेषकर लाॅकडाउन के कारण शहरी पथ विक्रेताओं के व्यापार पर असरकारी प्रभाव पड़ा है। शहरी पथ विक्रेताओं को फिर से कार्य प्रारम्भ किये जाने एवं आत्मनिर्भर बनाने के निमित्त भारत सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के रूप में आसान ऋण सुविधा के द्वारा कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराये जाने हेतु पीएम स्ट्रीट वेण्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का आरम्भ वित्तीय वर्ष 2020-21 से किया गया है। उपर्युक्त योजना के महत्वपूर्ण बिन्दु निम्नवत् हैंः-
1- योजना प्रदेश के समस्त नगर निकायों में संचालित होगी।
2- ऐसे समस्त पथ विक्रेता जिसे दिनांक 24 मार्च,2020 से पूर्व नगर निकाय द्वारा विक्रय प्रमाण-पत्र अथवा पहचान पत्र है अथवा नहीं।
3- ऐसे समस्त पथ विक्रेता जो नगर निकाय के आस-पास के निवासी हों और शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी का कार्य करते है और इस कार्य हेतु स्थानीय नगर निकाय /टाउन वेण्डिंग कमेटी द्वारा संस्तुति पत्र जारी किया गया है।
4- ऐसे पथ विक्रेता जिन्हें राज्य सरकार/नगर निकाय/टीवीसी/नेशनल एसोसिएशन आॅफ स्ट्रीट वेण्डर्स आॅफ इण्डिया/नेशनल हाॅकर फेडरेशन/सेल्फ इम्पलाॅयड वूमेन्स एसोसिएशन की सदस्य भी पात्र होगेें।

5- उपरोक्त योजनान्तर्गत समस्त पथ विक्रेताओं को बैंक के माध्यम से एक वर्ष के लिए रु0 10,000.00 तक ऋण प्रदान किया जायेगा एवं उक्त ऋण को सब्सिडी पर 7ः के ब्याज दर पर मासिक किश्तों में वापसी करनी होगी। इस पर कोई सिक्योरिटी नहीं देनी होगी। उक्त प्रक्रिया 02 जुलाई,20 से शुरू की जायेगी।
6- डिजीटल लेने-देन पर साल में रु01,250.00 तक कैशबैक किया जायेगा।
(प्रति माह 50 लेने-देन पर रु0 50.00, प्रति माह अगले 50 या 100 अतिरिक्त लेन-देन पर रु0 25.00 कैशबैक प्रदान किया जायेगा।)
7- उपरोक्त योजनान्तर्गत पथ विक्रेता द्वारा यदि उक्त ऋण का भुगतान समय पर अथवा समय से पूर्व किया जाता है तो उसे अगली बार बड़ा ऋण प्रदान करने की भी योजना है।
8- जिन पथ विक्रेताओं का पंजीकरण नहीं हुआ है उसे आॅनलाइन पंजीकरण करा कर 14 दिन के अन्दर आवश्यक दस्तावेज स्थानीय नगर निकाय के बीसी/एजेन्ट के माध्यम से सत्यापित कराना होगा,उसके बाद बीसी/एजेण्ट द्वारा एक सिफारिश पत्र दिया जायेगा। सिफारिश पत्र की एक प्रति आवेदक को भी प्रदान की जायेगी, उसके बाद आवेदन मंजूरी के लिए संबंधित ऋणदाता संस्था के पास भेजा जाएगा।
9- योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु सम्बन्धित नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत एवं जिला नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) कार्यालय से सम्पर्क किया जा सकता है।