उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के सदर विधानसभा के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अन्सारी पर फर्जी शस्त्र लाईसेन्स बनवाने के मामले में यूपी पुलिस ने दक्षिणटोला थाना में मुकदमा दर्ज किया है । बसपा विधायक पर आईपीसी की संगीन धारा 419,420,457,468,471 व धारा 30 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज । विधायक मुख्तार अन्सारी ने अपने लेटर पैड पर चार लोगो को शस्त्र लाइसेन्स जारी करने की किया था संस्तुति, विधायक द्वारा संस्तुति किए सभी चारो व्यक्तियो के नाम पते मिले फर्जी । चार मे से एक को पुलिस ने इन्काउन्टर में मार गिराया था । 15 दिसम्बर 2001 के मामला । अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में हुआ खुलासा । पुलिस ने छ लोगो के नाम पर दर्ज किया मुकदमा जिसमें सदर विधायक मुख्तार अन्सारी , तत्कालिन एसओ जेएन सिहं , तत्कालीन लेखपाल न शस्त्र लाइसेन्स धारक शामिल है ।
बता दे कि प्रदेश के मऊ जिले में पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्या के निर्देश पर पर जिले में शस्त्र लाइसेन्सो के सत्यापन का काम कराया जा रहा है । जिसकी जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को सौपा गया । अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को जांँच के दौरान दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के रहने वाले चार लोगो के नाम पर जारी हुए शस्त्र लाइसेन्सो का नाम पता फर्जी पाया गया । शस्त्र लाइसेन्स धारको के नाम पते फर्जी मिलने वाले सभी चारो व्यक्तियो को शस्त्र लाइसेन्स जारी करने की संस्तुति सदर विधानसभा के बसपा विधायक मुख्तार अन्सारी ने अपने लेटर पैड पर किया था ।
जिसका खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक की जाँच में सामने आया है । हालाकि इसमें से एक शस्त्र लाइसेन्स धारक शाह आलम को पुलिस ने इन्काउन्टर में मार गिराया था । बाकी के तीन शस्त्र लाइसेन्स धारक के नाम पते फर्जी है । पुरे मामले में पुलिस ने छ लोगो के नाम पर मुकदमा दर्ज किया है । जिसमें सदर विधायक मुख्तार अन्सारी , तत्कालीन एसओ जेएन सिहं , तत्कालीन लेखपाल व फर्जी शस्त्र लाइसेन्स धारको के नाम शामिल है जिन पर आईपीसी की गम्भीर धाराओ मे मुकदमा दर्ज करा दिया गया ।
15 दिसम्बर 2001 को सदर विधायक विधायक मुख्तार अन्सारी ने अपने लेटर पैड का इस्तेमाल करते हुए चार लोगो के नाम पर शस्त्र लाइसेन्स जारी करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से संस्तुति किया था । विधायक द्व्रारा संस्तुति किए सभी नाम पते फर्जी पाये गये । इन्ही मे से एक शस्त्र धारक को पुलिस ने इनकाउन्टर में मार गिराया है ।
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्या ने बताया जिले की मऊ जनपद में 2001-2002 के दौरान जिले में फर्जी गलत नाम पते पर शस्त्र लाइसेन्स जारी होने की गोपनीय सूचना मिली । गोपनीय सूचना मिलने पर इसके जाँच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र श्रीवास्तव को इसकी जाँच सौपी गयी । जाँच में खुलासा हुआ कि मुख्तार अन्सारी के लेटर पैड पर चार लोगो ने नाम पर शस्त्र लाइसेन्स जारी करने की संस्तुति की गयी । जिनमें सभी के नाम पते फर्जी पाये गये । जिनका मऊ जनपद से कोई लेना देना नही है इन्ही में से एक शाह आलम को पुलिस ने इन्काउन्टर मे मार गिराया है । पूरे प्रकरण मे छ लोगो पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है । जिसमें मुख्तार अन्सारी , तत्कालीन एसओ , तत्कालीन लेखपाल , और शस्त्र धारको के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है । जिले में 2001-2002 के दौरान जिले में जारी शस्त्र लाइसेन्सो की जाँच के त्रिस्तरीय जाँच कमेटी का गठन किया है , जो जिले मे जारी सभी शस्त्र लाइसेन्सो की जाँच करने का काम करेगी । ताकि फर्जी लाइसेन्स धारक पर गम्भीर कार्रवाई किया जाए ।
बाइट---अनुराग आर्या (पुलिस अधीक्षक मऊ )
