राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश जनपद शाखा मऊ के द्वारा प्रस्तावित आंदोलन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा प्रेषित पत्र जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ द्वारा शिक्षक प्रतिनिधियों व शिक्षक नेताओं को रिवाल्वर से जान से मारे जाने की धमकी के उपरांत भी प्रशासन द्वारा न तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ पर लिखित तहरीर देने के पश्चात भी एफ आई आर दर्ज नहीं कराए जाने तथा उक्त कृत्य के चश्मदीद गवाह श्री अंजनी कुमार सिंह को नियम विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही किए जाने से संबंधित है के क्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश जनपद शाखा मऊ द्वारा भी उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ का समर्थन करते हुए प्रस्तावित आंदोलन के क्रम में जनपद के समस्त कार्यालयों जो परिषद से संबद्ध संगठन हैं दिनांक 3 व 4 जनवरी को काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन के निर्णय के क्रम में जिला चिकित्सालय मऊ, जिला महिला चिकित्सालय मऊ, टीवी क्लीनिक, रोडवेज, डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी, बडराव, कोपागंज फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर, दोहरीघाट, सिंचाई खंड घोसी, सर्वोदय पीजी कॉलेज घोसी, जनता पीजी कॉलेज रानीपुर, नलकूप खंड मऊ, आईटीआई मऊ,पी पी सी मऊ, जिला गन्ना कार्यालय, पशु चिकित्सालय, कोषागार कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया उक्त आंदोलन का कार्यक्रम दिनांक 4 जनवरी को काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करना व दिनाँक 6 व 7 को निर्धारित कार्य अवधि से 1 घंटा अधिक कार्य कर के विरोध प्रदर्शन करना तथा दिनाँक 8 व 9 जनवरी को एक घंटा कार्य बहिष्कार करके विरोध प्रदर्शन किया जाएगा ।
जिससे मूक दर्शक बने प्रशासन को जगाया जा सके और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ के ऊपर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके ।आंदोलन के माध्यम से परिषद के अध्यक्ष श्री पी एन सिंह द्वारा कहा गया कि जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में लाना है कि तत्काल रिवाल्वर धारी बीएससी की रिवाल्वर के लाइसेंस को जप्त किया जाए जिससे डरे सहमे शिक्षक नेताओं की सुरक्षा हो सके और भविष्य में अधिकारी व कर्मचारी के बीच की गरिमा बनी रहे ।उक्त के पश्चात भी जिला प्रशासन द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ पर प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की जाती है तो परिषद की आगामी बैठक दिनांक 10 जनवरी को अग्रिम रणनीति / आन्दोलन हेतु बैठक करके निर्णय करेगी जिसमें आकस्मिक सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं ।

