(Must Read) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह ने बताया NPR और NRC क्या है।



           भारतीय जनता पार्टी के जनपद कार्यालय पर सी ए ए को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते कहा कि,मोदी सरकार ने संसद में भारत की संस्कृति और देश की 130 करोड़ लोगों की भावनाओं के अनुरूप नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 पारित किया है। कांग्रेस समाजवादी पार्टी सहित पूरा विपक्ष सीएए को लेकर झूठ और भ्रम फैला रहा है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है जबकि गृह मंत्री अमित शाह स्पष्ट किया हैं कि जो इस देश के मुसलमान हैं उनके लिए इस देश के अंदर किसी भी तरह की चिंता की बात नहीं है। नागरिकता संशोधन कानून में आजादी के बाद से अफगानिस्तान पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए ऐसे हिंदू सिख जैन बौद्ध पारसी शरणार्थियों को नागरिकता से सम्मान व गरिमा देने का प्रावधान है जिन्हे जबरन धर्म परिवर्तन व नरसंहार से अपने आप को बचाने के लिए परिवार सहित भाग कर भारत में शरण लेनी पड़ी।
 नागरिकता संशोधन अधिनियम की जरूरत ही नहीं पड़ती अगर कांग्रेसमें आजादी के वक्त देश का बंटवारा धार्मिक आधार पर ना करवाया होता है। 1950 में हुए नेहरू लियाकत समझौता में यह तय कानून था कि दोनों देश अपने यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करेंगे और उन्हें अपने धर्म को मानने तथा सम्मान की रक्षा की स्वतंत्रता दी जाएगी भारत ने तो समझौते का पालन किया लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार से पूरी दुनिया परिचित है।
  1947 में पाकिस्तान में जहां अल्पसंख्यकों की संख्या 23% थी वह 2011 में मात्र 3% रह गई है साल 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को माना लेकिन पाकिस्तान में हिंदुओं सहित अन्य अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ने कोई कदम नहीं उठाया ।
         महात्मा गांधी ने 1947 में ही कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू सिक्ख हर नजरिए से भारत आ सकते हैं और अगर पाकिस्तान में निवास नहीं करना चाहते तो उन्हें नौकरी देना और उनके जीवन को समान्य बनाना भारत सरकार का कर्तव्य है। जबकि साल 2003 में मनमोहन सिंह ने भी यह कहा था कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना साहनी पड़ रही है अगर उनको वहां से छोड़कर भागना पड़ता है तो उनको नागरिकता देना भारत का नैतिक दायित्व है लेकिन अब नाम में गांधी लगाने वाले नकली गांधी पूरे देश में बापू के विचारों के विपरीत भ्रम फैला रहे हैं और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।       लोहिया जी ने भी माना था कि भारत में विस्थापित होकर आए हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान में अत्याचार हुआ और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए लेकिन अब समाजवाद के नाम पर परिवारवाद प्राइवेट लिमिटेड चलाने वाले लोग लोहिया जी के सपनों की हत्या करते हुए पूरे प्रदेश में हिंसा कराने में जुटे हैं।
         बार-बार यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम मुस्लिमों के खिलाफ है जबकि यह कानून नागरिकता देने का है लेने का नहीं है।
         सीएएए का विरोध कर रहे कांग्रेसी और सपा सहित अन्य विपक्षी दल जनता के सामने स्पष्ट करते हुए यह बताएं कि नागरिकता संशोधन कानून के किस पन्ने पर यह लिखा है कि इस कानून के तहत किसी व्यक्ति की नागरिकता छीनी जा सकती है ।
         पहले भी पश्चिमी उत्तर पूर्व के लोगों को गुमराह कर हिंसा फैलाने की कोशिश की लेकिन वहां सफल नहीं हो पाए तो मुस्लिमों को भ्रमित करने में जुट गए जबकि माननीय प्रधानमंत्री जी ने केंद्र सरकार की सबका साथ सबका विकास तथा सबका विश्वास की नीति में भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है।पिछले 5 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में 566 से अधिक मुस्लिमों को भारत की नागरिकता दी गई है फिर भी कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल बार-बार झूठ बोलकर दुष्प्रचार करें किसी इसमें मुस्लिमों को क्यों नहीं लिया सीएए पूरी तरह से संविधान की मूल्य और भारतीय संस्कृति परंपरा के अनुरूप है।
         पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित अल्पसंख्यक हिंदू बौद्ध सिख पारसी के सामने भारत में शरण लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है ये केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि इसमें अन्य अल्पसंख्यकों के लिए भी है।
        भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सिएए कानून बनाने की बात शामिल की थी भाजपा को जनता ने प्रचंड बहुमत दिया अब पार्टी जनता से किए अपने वादे को लगातार पूरा करने में जुटी है।
        कांग्रेस समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों की वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति फिर से बेनकाब हुई है कांग्रेश के पास भारत विभाजन सहित अपनी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने का अवसर था जिसमें वह चूक गई आने वाले समय में देश की जनता कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को और कड़ा सबक सिखाएगी प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह विधेयक बहुत सारे लोगों को यातना से निजात दिलाएगा।नागरिकता संशोधन कानून के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत में शरण लेने वाले हिंदू सिख बौद्ध जैन ईसाई और पारसी लोगों के जीवन में आशा विश्वास और सुरक्षा का नया संचार हुआ है साथ ही उन्हें गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार भी मिला है।हम चाहते हैं कि देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जो भ्रम और झूठ फैलाया जा रहा है वह दूर हो और धीरे-धीरे यह भ्रम टूट भी रहा है और जनता को सच्चाई का पता भी चल रहा है।भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सपा सहित अन्य विपक्षी दलों के द्वारा देश व प्रदेश में फैलाए जा रहे हैं अफवाह और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए प्रदेश में जनता के बीच सीएए का सच बताने के लिए जन जागरण अभियान शुरू किया है।

        नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को लेकर शुरू किया जा रहे जन जागरण अभियान के तहत पार्टी द्वारा 1 जनवरी 2020 से 5 जनवरी 2020 तक पूरे प्रदेश में संपर्क अभियान चलाया जाएगा।संपर्क अभियान के तहत पार्टी ने पूरे प्रदेश में लगभग 100000 गांवों तक पहुंचने के संकल्प के साथ ही 50 लाख से अधिक परिवारों में संपर्क करने का फैसला किया है।जन जागरण अभियान के तहत 6 जनवरी से 15 जनवरी 2020 के मध्य पार्टी सभी क्षेत्रों में विशाल जनसभा आयोजित करेगी साथ ही जिला स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।जिला स्तर पर आयोजित की जाने वाली रैलियों पदयात्रा में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर प्ले कार्ड इत्यादि के माध्यम से नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को लेकर जनता के बीच जन जागरण अभियान चलाया जाएगा।साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को पहुंचाया जाएगा।
             इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता,अरविंद सिंह,संतोष सिंह,राकेश मिश्रा,आनंद प्रताप सिंह,कृष्ण कान्त राय,विनोद गुप्ता,दिव्येंदु राय सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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