उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ द्वारा दिनांक 25 सितम्बर 2026 से विद्यालयों में POCSO जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न बोर्डों के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित कर यह संदेश दिया गया कि 18 वर्ष से कम आयु में अंतरंग संबंध के लिए दी गई सहमति को कानून में मान्यता प्राप्त नहीं है।
इस अभियान का समापन 02 अक्टूबर को जिला न्यायालय, मऊ में आयोजित महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह के साथ हुआ। जनपद न्यायाधीश, मऊ द्वारा विद्यालयी छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें बच्चों ने POCSO अधिनियम के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा POCSO विषय पर भाषण भी प्रस्तुत किए गए। अभियान के अंतर्गत आयोजित कला प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनकी कलाकृतियों को जिला न्यायालय परिसर में प्रदर्शित किया गया। अभियान में योगदान देने वाले शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों के प्रयासों को भी माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा सराहा गया।
समारोह को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश, मऊ ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, योगदान एवं त्याग को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने POCSO जागरूकता अभियान के प्रयासों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिया गया जागरूकता का संदेश समाज तक प्रभावी रूप से पहुँचा है।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि POCSO जागरूकता अभियान का औपचारिक समापन आज हुआ है, लेकिन बच्चों एवं समाज में POCSO अधिनियम तथा सहमति की कानूनी अवधारणा के संबंध में जागरूकता का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के लिए ऐसा सुरक्षित एवं विश्वासपूर्ण वातावरण निर्मित करें, जिसमें किसी भी गंभीर घटना अथवा POCSO अधिनियम से संबंधित अपराध की स्थिति में बच्चे बिना भय एवं संकोच के अपनी बात कह सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा DLSA द्वारा विद्यालयों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता के प्रयास आगे भी निरंतर किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय मऊ निरंजन चंद्र पांडेय, अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम बक़ार शमीम रिज़वी, अपर जनपद न्यायाधीश अनिल वर्मा, अपर जनपद न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी, अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय प्रदीप राम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नसीहा वसीम, सिविल जज रजत यादव, श्रीमती प्रीति यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण यादव, अपर सिविल जज श्रीमती ममता यादव, सिविल जज (महिला अपराध) श्रीमती काजल श्रीवास्तव तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्सुल हसन एवं महामंत्री लक्ष्मीकांत यादव सहित न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, पुलिस अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।
