डॉ. पी.एल. गुप्ता: 39 वर्षों से ग्रामीण अंचल में शल्य चिकित्सा की उत्कृष्ट सेवा का पर्याय,एक लाख से अधिक शल्य क्रियाएं करने का गौरव


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चिकित्सा सेवा को जनसेवा का माध्यम मानकर लंबे समय से कार्य कर रहे जाने-माने जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. पन्नालाल गुप्ता (डॉ. पी.एल. गुप्ता) जनपद मऊ के चिकित्सा क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। ग्रामीण अंचल के मरीजों को बेहतर शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में निरंतर सेवाभाव, समर्पण और चिकित्सकीय दक्षता का परिचय दिया है। जनवरी 1987 से चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. गुप्ता ने अपने लगभग 38 वर्षों के सेवाकाल में हजारों जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सा जगत और सामाजिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

डॉ. पन्नालाल गुप्ता का जन्म 2 मार्च 1958 को हुआ। उनके पिता  स्वर्गीय राधा प्रसाद गुप्ता अपने जमाने के बड़े व्यवसाय थे। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी के आयुर्विज्ञान संस्थान से बीएससी, एमबीबीएस तथा एमएस की शिक्षा प्राप्त की। उच्च चिकित्सकीय शिक्षा और शल्य चिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद उन्होंने नरई बांध, मऊ स्थित गुप्ता सर्जिकल अस्पताल को अपनी चिकित्सा सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाया। यहां उनका प्रयास रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को गंभीर बीमारियों एवं शल्य चिकित्सा संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।

एक लाख से अधिक शल्य क्रियाओं का अनुभव

डॉ. गुप्ता की चिकित्सकीय यात्रा की प्रमुख उपलब्धियों में उनका लंबा शल्य चिकित्सा अनुभव शामिल है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वे प्रत्येक माह औसतन लगभग 400 मरीजों की शल्य क्रियाएं करते रहे हैं। उनके नाम अब तक एक लाख से अधिक शल्य क्रियाओं का रिकॉर्ड दर्ज होने की जानकारी दी गई है। दशकों से नियमित रूप से चिकित्सकीय और शल्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हुए उन्होंने क्षेत्र में अपनी पेशेवर पहचान स्थापित की है।

जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता ने क्षेत्रीय मरीजों को उपचार के लिए स्थानीय विकल्प उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका सेवाकाल इस बात का उदाहरण है कि चिकित्सा पेशे में निरंतरता, अनुभव और मरीजों के प्रति जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है।

चिकित्सा संगठनों में नेतृत्व की जिम्मेदारी

चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ डॉ. गुप्ता विभिन्न चिकित्सकीय संगठनों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), मऊ इकाई के अध्यक्ष पद पर छह बार निर्वाचित हुए। इसके अतिरिक्त, नर्सिंग होम एसोसिएशन में जनपद स्तर पर अध्यक्ष तथा प्रदेश स्तर पर उपाध्यक्ष के पद पर भी निर्वाचित होने का गौरव उन्हें प्राप्त हुआ।

संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से उन्होंने चिकित्सकों से जुड़े विषयों तथा जनस्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों में भागीदारी निभाई। उन्हें जनपद मऊ की वैकल्पिक ऊर्जा समिति का सदस्य भी मनोनीत किया गया। वहीं, स्थायी लोक अदालत, मऊ में चार बार सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी उन्हें मिला। जिला महिला चिकित्सालय, मऊ की रोगी कल्याण समिति से भी वे जुड़े रहे हैं।

चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन

डॉ. पी.एल. गुप्ता की पहचान केवल एक सर्जन के रूप में ही नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग चिकित्सक के रूप में भी रही है। जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविरों के आयोजन में योगदान दिया।

जनपद में बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आईएमए की मऊ इकाई के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सहयोग किया। कारगिल युद्ध के समय भी सहायता राशि उपलब्ध कराने में योगदान दिया गया। इसके अतिरिक्त, उत्तरकाशी भूकंप के दौरान 11 सदस्यीय चिकित्सकीय दल के माध्यम से पीड़ितों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की पहल में भी उनकी भूमिका रही।

इन गतिविधियों से स्पष्ट होता है कि उनके लिए चिकित्सा सेवा का अर्थ केवल अस्पताल में मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि संकट के समय समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना भी रहा है।

प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

चिकित्सा और उद्यमिता के क्षेत्र में उनके योगदान को विभिन्न स्तरों पर सम्मान भी मिला है। डॉ. गुप्ता को वर्ष 2014-15 में डॉ. राम मनोहर लोहिया लघु उद्यमी प्रोत्साहन प्रादेशिक पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 में आईएमए के सातवें राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें आईएमए डॉ. ए.के.एन. सिन्हा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का उल्लेख है।

ये सम्मान उनके लंबे पेशेवर अनुभव और चिकित्सा क्षेत्र में किए गए कार्यों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हैं।

लायंस क्लब से भी रहा जुड़ाव

सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के क्रम में डॉ. पन्नालाल गुप्ता लायंस क्लब, मऊ महान के चार्टर प्रेसिडेंट निर्वाचित हुए। उन्होंने वर्ष 2003-04 में इस दायित्व का निर्वहन किया। वे मेल्विन जोन्स फेलो (एमजेएफ) भी रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं से जुड़ाव के माध्यम से उन्होंने जनसेवा और सामुदायिक गतिविधियों में अपनी सहभागिता बनाए रखी।

अनुभव, समर्पण और जनसेवा की पहचान

डॉ. पी.एल. गुप्ता का लगभग चार दशक का चिकित्सकीय सफर चिकित्सा सेवा, संगठनात्मक नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता का समन्वित उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में शल्य चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, जरूरतमंद मरीजों को परामर्श देने, आपदा प्रभावित लोगों की सहायता करने और चिकित्सा संगठनों में जिम्मेदारियां निभाने जैसे कार्य उनके सेवाकाल के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

नरई बांध स्थित गुप्ता सर्जिकल अस्पताल के माध्यम से उनकी सेवाएं क्षेत्र के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण रही हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव और सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता उन्हें जनपद मऊ के प्रमुख चिकित्सकों में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है।
वर्तमान में गुप्ता सर्जिकल अस्पताल अब पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट के रूप में स्थापित हो चुका है। जहां पर डीएनबी और डीएमआरडी के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाता है। जो नीट के सफलतम परीक्षार्थी होते हैं, उनके लिए इस संस्थान में दो-दो सीटें एलाटेड हैं। जिसमें डीएनबी  और डीएमआरडी के लिए दो-दो सीटें हैं। जो संस्थान की विश्वसनीयता को और बेहतर ढंग से प्रदर्शित  करते हैं।