तीन सगी बहनों ने एक ही दूल्हे के साथ लिए सात फेरे                               

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के धौरिया गांव में जो हुआ, उसने पूरे इलाके को चौंका दिया। यहां तीन सगी बहनों ने अलग-अलग घर बसाने की बजाय एक ही शख्स के साथ सात फेरे लिए। दूल्हा कोई और नहीं, बल्कि पिछले 6 महीने से उनका वीडियो शूट करने वाला कैमरामैन विकास उर्फ विक्कू है।शादी चामुंडा माता मंदिर में हुई। अग्नि को साक्षी मानकर तीनों बहनों ने एक साथ फेरे लिए। न बारात थी, न बैंड-बाजा। दोनों परिवारों में से भी कोई मौजूद नहीं था। 5 दिन बाद जब शादी का वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया।

गांव के किसान रमेश की बेटियां सरोज, सावित्री और संतोष सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाती हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तीनों की अच्छी फैन फॉलोइंग है। सरोज बीटेक सेकंड ईयर की छात्रा,सावित्री और संतोष 12वीं पास, *विकास उर्फ विक्कू* श्यामपुरी गांव का रहने वाला, तीन भाइयों में सबसे छोटा। इसी साल 12वीं पास की है। गांव की कहानियों में अक्सर पति का रोल निभाता था। विक्कू ही पिछले 6 महीने से इन तीनों के वीडियो बनाता था। इसी दौरान नजदीकियां बढ़ीं।

जब अमरोहा कोतवाली पुलिस ने पूछताछ की तो तीनों बहनों ने एक ही बात कही। उनका कहना है कि हम बचपन से साथ रही हैं और आगे भी साथ रहना चाहती हैं। परिवार वाले जब अलग-अलग जगह रिश्ते तय करने लगे तो हमने मिलकर फैसला लिया कि शादी भी साथ करेंगे। विक्कू ने भी कहा कि वह तीनों की भावनाओं और स्थिति को समझता था, इसलिए उसने हां कर दी। 

मामला सामने आते ही हिंदू संगठन के नेता सामने आए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह सामूहिक शादी करना सनातन परंपरा और मर्यादा के खिलाफ है। हसनपुर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि तीनों बालिग हैं। उन्होंने बयान दिया है कि शादी अपनी मर्जी से की है। फिलहाल पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।वीडियो वायरल होते ही कमेंट की बाढ़ आ गई। एक तरफ लोग इसे बहनों का प्यार और एकता बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ कई यूजर्स इसे परंपरा के खिलाफ कहकर आलोचना कर रहे हैं।सवाल यह है कि क्या रिश्ते की मजबूती के लिए ली गई ये कसम समाज की सोच बदलेगी, या फिर ये सिर्फ एक वायरल वीडियो बनकर रह जाएगी 
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