उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों से जुड़ा अहम कदम उठाया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने प्रदेश के सभी जिला सूचना कार्यालयों से वर्ष 2008 से 2025 तक के मान्यता प्राप्त पत्रकारों का विस्तृत ब्यौरा तलब किया है। इसमें पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों और मान्यता निरस्तीकरण से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने प्रदेश के सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए मान्यता प्राप्त पत्रकारों का विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। जारी निर्देश के अनुसार वर्ष 2008 से 2025 तक जिन पत्रकारों की मान्यता एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरित हुई है, उसका वर्षवार विवरण मांगा गया है।
इसके अलावा वर्ष 2009 से 2025 तक मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों की संख्या और उनका ब्यौरा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं वर्ष 2016 से अब तक मुकदमों के आधार पर कितने पत्रकारों की मान्यता निरस्त की गई, इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
विभाग ने सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांगी गई सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में ई-मेल के माध्यम से तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं। माना जा रहा है कि सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों के रिकॉर्ड को अद्यतन करने और व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह जानकारी जुटा रही है।
