मऊ। बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रीपेड की व्यवस्था को थोप देना उपभोक्ताओं के साथ एक धोखा नजर आ रहा है। एक तो पहले से ही स्मार्ट मीटर की रीडिंग लोगों की समझ से बाहर है। ऊपर से प्रीपेड भुगतान के नाम पर विद्युत आपूर्ति ठप्प हो जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपरोक्त बातें लघु उद्योग भारती जिला इकाई की बैठक में जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल जायसवाल ने कहा।
बैठक के दौरान उद्यमियों ने कहाकि स्मार्ट मीटर के साथ ही प्रीपेड की व्यवस्था करने से लघु उद्योग को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के जल्दबाजी के चलते अफरा तफरी माहौल बना हुआ है। विभाग को पहले स्मार्ट मीटर के विषय में लोगों को संतुष्ट करने के बाद ही इसे अमल में लाया जाना चाहिए। बैठक के दौरान मांग किया गया कि जबरदस्ती थोपे गए स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रीपेड व्यवस्था को खत्म कर पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए। जिला मंत्री नंदकिशोर थरड ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति बाधित हो जाने से इंडस्ट्रियल उसे गतिविधियां तापसी हो गई है धागा जारी के काम में एलपीजी गैस के माध्यम से बॉयलर इत्यादि चलता था लेकिन पिछले डेढ़ महीने से उक्त कार्य बाधित हो गया है ऐसे में उन्होंने मांग किया कि इंडस्ट्रियल उसे के लिए कमर्शियल सिलेंडर या इंडस्ट्रियल औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी पाइप कनेक्शन दिया जाए। जिला मीडिया प्रभारी श्रीराम जायसवाल ने कहाकि परदहा कॉटन मिल की भूमि पर स्थापित किया जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर के भूमि आवंटन में नीलामी व्यवस्था कतई ना रखी जाए, इस प्रक्रिया से भूमाफियाओं धनपशुओं को बढ़ावा मिलेगा। जो अनावश्यक जमीन की ऊंची बोली लगाकर जमीन हथियाएंगे। ऐसे में सरकार द्वारा पारदर्शी व्यवस्था के तहत उद्यमियों से प्राप्त किए गए उनके प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर जमीन आवंटित किया जाए, जिससे उद्यम व उद्योग को बढ़ावा मिल सके।
इस बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील अग्रवाल, आजाद यादव, उदयभान जायसवाल, विनीत थरड, उपाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता, अरविंद शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग जायसवाल, संतोष जायसवाल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
