अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अस्मिता खेलो इंडिया महिला योगासन सिटी लीग का हुआ आयोजन



अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को खेल के क्षेत्र में सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के खेल मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एवं खेलो इंडिया के तत्वावधान में आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया महिला योगासन सिटी लीग–2


026 का आयोजन डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, मऊ द्वारा ज्ञान भारती स्कूल, सहादतपुर में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

इस प्रतियोगिता में 50 से अधिक महिला योगासन खिलाड़ियों ने दो आयु वर्गों में प्रतिभाग किया। महिलाओं के इस आयोजन ने उनके बीच योगासन के प्रति बढ़ती रुचि और सक्रिय भागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में शहरभर से आई प्रतिभागियों ने योगासन की कला, अनुशासन और अपने उत्साह का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष संगीता द्विवेदी उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता का सफल संचालन कम्पीटीशन मैनेजर खुशबू तथा कम्पीटीशन डायरेक्टर रंजू प्रजापति के नेतृत्व में किया गया। निर्णायक मंडल में मंजू चौरसिया, नकुल आर्य, रत्नेश श्रीवास्तव, राजनंदिनी, पूजा एवं संजना शामिल रहीं।

अंडर–18 वर्ग
ट्रेडिशनल इवेंट में जागृति प्रथम, गुंजन द्वितीय, शीतल चौहान तृतीय, श्रेय पाल चतुर्थ तथा तन्वी पाँचवें स्थान पर रहीं।
आर्टिस्टिक एकल इवेंट में तृषा यादव प्रथम, श्वेता द्वितीय, नवान्या शर्मा तृतीय तथा शगुन शर्मा चतुर्थ स्थान पर रहीं।

सीनियर वर्ग (ट्रेडिशनल इवेंट)
रोशनी प्रथम, सुमन राय द्वितीय, रानी तृतीय तथा रेशम चतुर्थ स्थान पर रहीं।

सभी विजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विशेष रूप से जिला व्यायाम शिक्षक सहेंद्र सिंह, जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव पारस नाथ, भारतीय शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश (पूर्व) के समन्वयक बृज मोहन, डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन मऊ के सचिव राजन वैदिक, संयुक्त सचिव रामनिवास, भारत भूषण सिसौदिया, मौर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन मऊ के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार द्विवेदी ने सभी खिलाड़ियों, निर्णायक मंडल, कोच एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और योगासन जैसे पारंपरिक खेलों को भी नई पहचान दिलाते हैं।