आम आदमी पार्टी, मऊ द्वारा जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में डाकबंगले के पास निर्माणाधीन अरबों रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन ओवरब्रिज का जनहित निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियाँ, घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग तथा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी सामने आई, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने ज़िला कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अरबों रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जो जनता के पैसों की बर्बादी के साथ-साथ भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
इसके साथ ही, इस परियोजना से प्रभावित सिंधी समाज सहित अन्य परिवारों को अब तक न तो उचित मुआवजा दिया गया है और न ही पुनर्वास की कोई ठोस एवं पारदर्शी व्यवस्था की गई है। वर्षों से मऊ में रह रहे सिंधी परिवार आज भारी चिंता और असुरक्षा की स्थिति में हैं।
विक्रम जीत सिंह का तीखा बयान
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा—
"जनहित निरीक्षण अभियान के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। यह केवल घटिया निर्माण का मामला नहीं, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ है। अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह भ्रष्टाचार की खुली तस्वीर है। सिंधी समाज सहित प्रभावित परिवारों को मुआवजा न देना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़क से प्रशासन तक लड़ाई लड़ेगी।"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, मुआवजा वितरण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने की ठोस पहल नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी जनहित में आंदोलन तेज करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
निरीक्षण एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित
इस जनहित निरीक्षण एवं ज्ञापन कार्यक्रम में
अवधेश मौर्या, ए.के. सहाय, रवि सहित आम आदमी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
