राग दर्शन संगीत का आयोजन त्रिदेव धाम मंदिर में हुआ संपन्न

मार्गीय संगीत द्वारा आयोजित " प्रातः क़ालीन राग दर्शन" के अंतर्गत शास्त्रीय संगीत का आयोजन ढेकुलियाघाट स्थित त्रिदेव धाम परिसर में हुआ!
कार्यक्रम की शुरुआत में श्रीअजय कौशल पांडेय ने राग भटियार में बड़ा ख्याल ख़्याल ,छोटा ख्याल व भजन राम का गुणगान करिये ,प्रस्तुत किया तत्पश्चात् श्री ब्रजेंद्र त्रिपाठी का गायन हुआ जिसमें उन्होंने राग तोड़ी में विलंबित ख़्याल पिय हिय की सिय जान निहारी मन मुदरी मन मुदित उतारी तथा छोटा ख्याल में तीनताल में निबद्ध बंदिश सुर सरस्वती से मांगु मैं का सुमधुर गायन किया अंत मे भजन गोस्वामी तुलसीदासकृत जननी मैं ना जीऊँ बिनु राम से उन्होंने अपना गायन समाप्त किया । संगतकारों में कुमार विक्की हारमोनियम पर  तथा प्रेम चंद एवं शिवानन्द तबला पर रहे! तानपुरा पर दुर्गेश ने सहयोग दिया,
अंत में वाराणसी से आये प्रसिद्ध तबला वादक प० किशन रामडोहकर जी ने अपना तबला वादन प्रस्तुत किया! जिसमे उन्होंने तीनताल में नाधिधिना को बड़े ही अनोखे अंदाज में सुनाया जिससे सभी श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए ।
इस दौरान पंडित देवनाथ संगीत महाविद्यालय के केंद्राध्यक्ष व गुरु प० गिरिजाशंकर त्रिपाठी जी का आशीर्वचन सबको प्राप्त हुआ । कार्यक्रम का सफल संयोजन  व संचालन श्री पवन चौबे ने किया । इस दौरान डॉ कालिका मौर्य  ,विनोद जी ,श्री कन्हैया पांडेय ,मनोज नायक ,वीजेंद्र मौर्य ,आदर्श शाही ,श्वेता राय , सुमंत , एवं विजय तुलस्यान जी आदि उपस्थित रहे!!