विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को मेडिकल कॉलेज, मऊ में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। मानवता की सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए चिकित्सकों, कॉलेज स्टाफ, छात्र-छात्राओं और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस सामूहिक प्रयास के फलस्वरूप कुल 53 यूनिट रक्त का संचय किया गया, जो आपातकालीन स्थितियों में कई अनमोल जिंदगियां बचाने के काम आएगा। शिविर की शुरुआत संस्थान के डायरेक्टर डॉ. मनीष राय ने स्वयं रक्तदान कर की। उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए डॉ. राय ने कहा,आपके द्वारा दिया गया मात्र एक यूनिट रक्त, तीन अलग-अलग लोगों की जिंदगी बचा सकता है। रक्तदान पूरी तरह से एक सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी झिझक छोड़ें और नियमित अंतराल पर रक्तदान करने का संकल्प लें, क्योंकि यह किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा घोषित थीम "रक्त दीजिए, आशा दीजिए; मिलकर जीवन बचाइए" को रेखांकित करते हुए डायरेक्टर ने कहा कि यह संदेश दुनिया भर में एकजुटता और उम्मीद का संचार करने के लिए है। मऊ मेडिकल कॉलेज इस संदेश को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के सफल समापन पर संस्थान प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि समाज में रक्तदान को लेकर फैले भ्रम को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए भविष्य में भी ऐसे शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।
