मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा आज प्रातः 9:00 बजे विकासखंड घोसी स्थित 100 शैय्या चिकित्सालय टड़ियांव का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं में अनेक गंभीर कमियां पाई गईं, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दवाओं का समुचित अभिलेखीकरण नहीं किया जा रहा था तथा चिकित्सालय में स्थापित विभिन्न मशीनों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था। ऑपरेशन थियेटर (ओटी) बंद पाया गया तथा ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित नहीं थी। ऑक्सीजन प्लांट नियमित रूप से संचालित न होने के कारण पाइपलाइन के माध्यम से वार्डों एवं कमरों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
मुख्य विकास अधिकारी ने पाया कि चिकित्सालय में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था तथा ओपीडी सेवाएं भी संचालित नहीं थीं। औषधियों की स्टॉक पंजिका अद्यतन नहीं थी तथा शीघ्र एक्सपायर होने वाली दवाओं को पृथक रूप से सुरक्षित नहीं रखा गया था।
चिकित्सालय परिसर एवं भवन की साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई। निरीक्षण के समय कहीं भी सफाई कार्य संचालित नहीं था। तीन मंजिला भवन में व्यापक स्तर पर गंदगी एवं अव्यवस्था पाई गई। परिसर एवं भवन के विभिन्न स्थानों पर घास-फूस उगी हुई थी तथा नियमित सफाई व्यवस्था नहीं की जा रही थी।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि चिकित्सालय अधीक्षक का डॉक्टरों एवं कर्मचारियों पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं है। वार्डों में लगे बेडों पर पुरानी एवं दागयुक्त बेडशीटें कई दिनों से बिना बदले उपयोग में लाई जा रही थीं। चिकित्सालय की लिफ्ट भी क्रियाशील नहीं पाई गई।
चिकित्सालय में उपलब्ध आधुनिक एक्स-रे मशीन का भी समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिससे उसके खराब होने की आशंका व्यक्त की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में अधीक्षक सहित 44 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए अनुपस्थिति के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उचित कार्यवाही हेतु कड़े निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधीक्षक को सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
