राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में दिनांकः 14.05.2022 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के सम्बंध में जनपद न्यायाधीश, मऊ श्री रामेश्वर की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय मऊ के सभागार में बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक के साथ बैठक आहूत की गयी।
बैठक में सर्व प्रथम जनपद न्यायाधीश द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारीगण को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा निर्देशों के सम्बंध में बताया गया तथा आगामी दिनांकः 14.05.2022 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की गयी तथा जनपद न्यायाधीश द्वारा निर्देश किया गया कि आगामी दिनांकः 14.05.2022 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक से सम्बंधित अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों की सूची पहले से तैयार करा ली जाय तथा उनका राष्ट्रीय लोक अदालत मे अधिकाधिक निस्तारण कराकर आम जन को इसका लाभ पहुंचाया जाय। बैठक में उपस्थित बैंक के अधिकारी गण को यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मामलों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह योग्य एन०पी०ए० खाता की सूची तैयार करके बकायेदार का नाम पता सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ में शीघ्र उपलब्ध करायी जाय ताकि उनका तामिला सम्बंधित बकायेदार पर समय से कराकर उनको सूचित किया जा सके तथा बैंक से प्रदान की जाने वाली छूट से अवगत कराया जा सके। बैठक में उपस्थित समस्त क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय को आश्वासन दिया गया कि जैसा महोदय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के सम्बंध में निर्देश दिया गया है, उसके अनुसार बैंक के समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण पूरी तन्मयता एवं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूर्ण सहयोग दिया जायेगा। बैठक में माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा वार्षिक ऋण योजना पुस्तिका 2022-2023 का विमोचन भी किया गया। बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्टेट श्री फर्रुख इनाम सिद्दीकी महोदय द्वारा चेक वाउस एन०आई एक्ट की धारा 138 के अधिकाधिक निस्तारण करने के सम्बन्ध में बल दिया गया।
बैठक में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले के निस्तारण से वादकारियों को निम्न लाभ होता हैः-
1. पक्षों के मध्य आपसी सुलह समझौते के आधार पर विवाद निस्तारण पक्षकार-व्यक्तिगत स्तर पर स्वयं पहल कर सकता है।
2. लोक अदालत में निस्तारण हेतु किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है।
3. लम्बित मामलों के लोक अदालत में निस्तारण पर न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था ।
4. लोक अदालत में निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं।
5. कानूनी जटीलताओं से परे लोक अदालत की प्रक्रिया सहज और आपसी समझौते पर आधारित।
बैठक में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवहा द्वारा आम जन से अपील की गयी कि आगामी दिनांकः 14.05.2022 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने लम्बित मामलों को अधिक से अधिक लगवाकर इसका लाभ उठाये तथा अनावश्यक भाग दौड़ एवं फिजुल खर्चे से बचें ।
