रतनपुरा (मऊ)।संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर तीनों कृषि काले कानून वापस लेने व फसलों के समर्थन मूल्य को कानूनी मान्यता देने के सवाल पर आज भारत बंद का कार्यक्रम रहा। पूरे जनपद में पर्चे बांटकर जन जागरण अभियान चलाया गया। रतनपुरा बाजार में किसान सभा के साथियों द्वारा जुलूस निकालकर कृषि बिल के विरोध में नारा लगाया गया।
सोमवार को जनपद मऊ का रतनपुरा बाजार आंशिक रूप से बंदी का असर रहा। जुलूस के चलते सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा।जुलूस निकालते समय कोविड नियमों का पालन किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वालों में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश किसान सभा जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद मिश्रा, समाजसेवी निसार अहमद ने कहा है कि काले कृषि कानूनों से केवल किसानों का ही शोषण नहीं होगा, बल्कि खाने-पीने के चीजों की जमाखोरी और काला बाजारी भी होगी.!
अडाणी अंबानी की चमचागिरी में मोदी सरकार जनता के हितों को भी कुचल रही है। ये जनहित की नहीं... पूंजीपतियों की दलाल सरकार है.!!किसान अपनी जिद पर आए तो बंजर जमीन को भी उपजाऊ कर देता है तो उनके सामने सरकार की अकड़ क्या चीज है...सरकार को ये तीनों काले कृषि कानून को वापस लेना होगा।समाजवादी पार्टी के मन्नू यादव ,किसान सभा के जितेन्द्र राजभर, मुन्ना यादव, रामप्यारे गौतम,मन्नू यादव, जय प्रकाश यादव, सुनील पांडे ,शतीष यादव, मुन्द्रिका राजभर ,मंटू सोनकर, रमाकांत राजभर ,छोटे लाल राजभर,इन्द्रजीत चौहान, दिनेश चौहान आदि लोग रहे।सुबह से ही पुलिसप्रशासन सतर्कता बरतती हुई समाजसेवी निसार अहमद और किसान सभा के जिलाध्यक्ष समेत उपरोक्त लोगों को घेर कर दिन भर बैठी रही ।

