मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार फसल के अवशेष यानी पराली जलाने के आरोप में हजारों किसानों पर दर्ज केस वापस लेने और जुर्माना भी खत्म करने जा रही है। इस संबंध मं सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकारी आवास पर किसानों से बात करते हुए पराली जलाने के कारण किसानों पर दर्ज हुए केस वापस लेने की बात कही है। इसके साथ ही जल्द ही जुर्माना खत्म करने पर भी फैसला लिया जाएगा।
वही योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार विचार करते हुए यह फैसला करेगी कि पराली जलाने के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने और आर्थिक दंड को खत्म करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाएंगे। बता दें कि खेतों में पराली जलाने पर उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। इसके साथ ही आरोपी किसानों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया था। इसे लेकर सीएम योगी से मिले किसान संगठनों ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस ले लिया है तो प्रदेश सरकार को भी लेने चाहिये।
किसानों से संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों के कल्याण और उनकी आय दोगुनी करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जन-धन योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के तहत किसानों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डाली जा रही है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर खाद्यान्न की रिकॉर्ड खरीदारी की है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों से सीधे खरीद की है और खरीद का भुगतान भी सीधे उनके बैंक खातों में किया गया है। उन्होंने कहा कि 2010 से लम्बित पड़े गन्ने के भुगतान के लिए बेहतर रणनीति बनाकर कार्य करते हुए एक लाख 42 हजार करोड़ रुपए का भुगतान कराया है।

