पीठाधीश्वर पूज्य रामशरण दास महाराज जी का आगमन मऊ में मऊ। अयोध्या धाम से श्री श्री 108 श्री रंगमहल के पीठाधीश्वर पूज्य रामशरण दास महाराज का आगमन शुक्रवार को निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला स्थित सुनील दूबे के निज आवास पर हुआ। श्री दूबे के आवास पहुँचने से पहले बलिया मोड़ पर भाजपा नेता अरिजीत सिंह, सुनील कुमार दूबे सोनू के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने उत्साह के साथ अयोध्या धाम से श्री श्री 108 श्री रंगमहल के पीठाधीश्वर पूज्य रामशरण दास महाराज का जनपद प्रथम आगमन पर माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। स्वागत के बाद 108 श्री रंगमहल के पीठाधीश्वर महाराज का काफिला सीधे श्री दूबे के आवास पर पहुँचा, जहां पर उनका स्वागत लोगों ने माला पहनाकर और पुष्प वर्षा करके किया।
इस दौरान पूज्य रामशरण दास महाराज ने कहा कि जिस देश की धरा की सत्ता पर बैठते है शासक और इस देश की सत्ता की छत्र को पकड़ने का कार्य संत करते है और जब संत पकड़े रहते हैं तो सत्ता और सत्ताधारी भी सही का कार्य करते है तो देश उत्थान की ओर जाता है और यह परम्परा दिनों दिन आगे बढ़ती रहती है। वही कार्य आज संतो के नेतृत्व में सत्ताधारी भी कर रहे हैं। उन्होंने कोरोना पर कहा कि आज हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से हमारे प्रदेश में कोरोना हार गया है। कहा कि समाज का सेवा करने वाला ही सच्चा सन्त है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के बनने वाले भव्य मंदिर के प्रति कहा कि यह क्षण हम लोगों के लिए गौरवशाली है कि हमारे आपके युग में प्रभु का विशालकाय मंदिर बन रहा है। संक्षेप में राम और भरत के संस्मरण को सुनाया।
अंत में उन्होंने श्री दूबे द्वारा कराए गए कार्यक्रम की सराहना किया।
गीता उपदेशक संत योगी आनन्द जी महराज ने कहा कि भगवान राम के पावन भूमि से पधारे संत का दर्शन कर हम सभी धर्म प्रेमी कृतार्थ हैं। ऐसे महापुरुषों की छांव में ही हम नित्य सही राह की ओर जा सकते हैं।
रंगमहल के पीठाधीश्वर पूज्य रामशरण दास के शिष्य संत वृन्द ब्रह्मनंद शास्त्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बनने वाला है और हम सभी देश की गौरवमयी गाथा के इतिहास बनने को आतुर हैं।
इस दौरान संघ के जिला प्रचारक राजीव नयन, वैराग्य वर्धन दूबे, डा. बी.बी. राय, भाजपा नेता अरिजीत सिंह, राम आशीष दूबे, राकेश मिश्रा,प्रकाश चन्द राय बबलू राय, राकेश तिवारी, सुनील कुमार यादव, ज्ञानप्रकाश सिंह, एबीवीपी के वीर प्रताप, रामकृष्ण भारद्वाज, सचिन्द्र सिंह, कन्हैया भारती, सुधीर दयाल, गोपाल राय, गोलू महराज, सुमन्त कुमार, अनिल श्रीवास्तव, सुगन्ध लोहिया, अतुल मिश्रा आदि मौजूद रहे।

