लखनऊ ---लगातार कार्रवाई झेल रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गैंगस्टर समेत तीन मामलों में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। हालांकि इसके साथ ही उनके दोनों बेटों पर कोर्ट का शिकंजा और कसता जा रहा है। मुख्तार के बेटों बसपा नेता अब्बास अंसारी व उमर अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत ने खारिज कर दी है। उनके खिलाफ हाल ही में गाजीपुर में ध्वस्त किये गए मुख्तार अंसारी के गजल होटल की जमीन खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े के मामले में कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार किया है।
लखनऊ में चल रही थी मुख्तार के खिलाफ सुनवाई ,बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ जेलर को जान से मारने की धमकी, गैंगस्टर समेत तीन मामलों की सुनवाई लखनऊ के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही थी। इनमें से एक मामला 2003 में मुलाकातियों की जांच का आदेश देने पर लखनऊ के जेलर को जान से मारने की धमकी देने, अभद्रता और मुख्तार अंसारी द्वारा उनपर पिस्तौल तानने के आरोप में आलमबाग थाने में एफआईआर दर्ज का था। दूसरा मामला एक मार्च 1999 को तत्कालीन अपर महानिरीक्षक कारागार एसपी सिंह पुंढीर ने कृष्णानगर थाने में दर्ज कराया था। हजरतगंज थाने में दर्ज एक गैंगस्टर एक्ट का मुकदमे की सुनवाई भी चल रही थी।
गाजीपुर में दर्ज है बेटों के खिलाफ मुकदमा
मुख्तार अंसारी की सम्पत्तियों पर कार्रवाई के क्रम में बीते एक नवंबर गाजीपुर के महुआबाग में बना आलीशान होटल गजल को ध्वस्त किया गया था। आरोप है कि गजल होटल के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है और इसके लिये जमीन की खरीद-फरोख्त में भी फर्जीवाड़ा हुआ। इस मामले में मुख्तार अंसारी की पत्नी व उनके दोनों बेटों समेत 12 लोगों के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट में अब्बास अंसारी और उमर अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में गिरफ्तार सादिक हुसैन की भी जमानत की अर्जी कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।

