मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर के निर्देशन और सीओ मधुबन राजकुमार सिंह की देखरेख मे हुई। इस दौरान कुल 19 मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से चार मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें द़ो दंपतियों ने अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ - साथ रहने को तैयार हो गए। वही पांच मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। तथा आठ मामलों में एक -एक पक्षकार उपस्थित हुए। वही दो मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 20 सितंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से सुनैना और राजमणि तथा बंदना और सुनील ने अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को तैयार हो गए। वही रेखा और अश्वनी के मामले में पीड़िता के अनुरोध पर पत्रावली निस्तारित कर दी गई। तथा पूनम तिवारी और देवदत्त तिवारी के मामले में पक्षकारों के बीच सुलह न होने के चलते पत्रावली अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी गई । वही ज्योति वर्मा और राधेश्याम वर्मा,
प्रियंका और दुर्गा प्रसाद, राजनारायण मिश्र और जागृति मिश्र ,कौशल्या चौहान और मनीष चौहान तथा रीमा और अरविंद के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। वही सहाना खातून व मेराज अहमद, मनरावती व राम सोच ,सुनीता और अवधेश, रमेश शर्मा व मनीष शर्मा, अमृता यादव व रामसरीख, प्रियंका व प्रवीण गुप्ता, मोहम्मद यासीन व अकीला खातून तथा रुपेश कुमार और अंजलि के मामले में एक -एक पक्ष उपस्थित हुए । तथा कृष्णावती देवी व सरोज मौर्य ,नसरीन और अब्दुल तलहा के मामले में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते इन मामलों में बैठक की अगली तिथि 20 सितंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया । बैठक में सदस्यगण विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, मौलवी अरशद, महिला आरक्षी प्रीति दुबे और सोनी सिंह ने योगदान किया। इस दौरान काफी संख्या में पक्षकार व उनके परिजन उपस्थित रहे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक की गई।

