जन भावनाओं की आवाज थे दयानाथ निगम - डा रामविलास भारती

  
घोसी-मऊ। घोसी मऊ में "अम्बेडकर इन इण्डिया" पत्रिका के प्रधान सम्पादक दयानाथ निगम की श्रद्धांजलि सभा मे बोलते हुए शिक्षक एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि जन भावनाओं की आवाज थे दयानाथ निगम जी। जिन्होंने ने दलितों, शोषितों, वंचितों व समतावादी समाज की आवाज को साहित्यिक अंदाज देते हुए अपनी पत्रिका अम्बेडकर इन इण्डिया में प्रकाशित किया। डॉ. भारती ने कहा कि जन भावनाओं के साथ साथ समसामयिक घटनाओं, कार्यक्रमों व बुद्धवाद- आम्बेडकरी साहित्य साहित्य को भी शहर से गांव-गलियारों तक पत्रिका को पहुंचाया और समता, स्वतंत्रता एवं बन्धुत्व पर आधारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें भुलाया नही जा सकता है। डॉ. भारती ने कहा कि दयानाथ निगम के परिनिर्वाण से साहित्यिक जगत एवं समाज की अपूरणीय क्षति हुई है।
              ज्ञातव्य हो कि अम्बेडकर इन इण्डिया के प्रधान सम्पादक एवं लेखक, चिन्तक व वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता दयानाथ निगम की लखनऊ में परिनिर्वाण ( मृत्यु) हो गयी थी। यह तमकुहीराज (कुशीनगर ) के रहने वाले थे। जिनका मानवीय समाज की स्थापना के लिए लगातार कार्य किया गया। चूंकि इनका सम्बन्ध प्रदेश के सभी जिलों से था। जब इनके परिनिर्वाण की सूचना मिली तो सभी चाहने वाले शोकाकुल हो गए। जिसके लिए डॉ. रामविलास भारती द्वारा जनपद मऊ के तरफ से उनके लिए सोशल / फिजिकल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए श्रद्धांजलि सभा संक्षिप्त रूप में आयोजित किया गया।
        इस अवसर पर सोशल / फिजिकल डिस्टेंसिंग के आधार पर फूलवन्ती शाही, कमलेश राय,सुनील कुमार, ललित राहुल, बृजेश सागर, मेहंदी रजा, धर्मेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।