पूर्वांचल के कई महत्वपूर्ण जिलों को रास्ता देने वाला दोहरीघाट और बड़हलगंज के बीच निर्मित इंदिरा सेतु विगत कई वर्षों से जिर्ण-शिर्ण अवस्था मैं पड़ा हुआ है यहां तक कि उस पुल की साफ-सफाई तक नहीं हो रही है बरसात के दिनों में जलबहाव के लिए बनाए गए छोटे-छोटे जाली धूल और मिट्टी,कचरे से भर जाते हैं पुल पर जल जमाव हो जाता है बाइक साइकिल चालक अक्सर चोट हिल हो जाते हैं वह बड़े एक्सीडेंट की संभावना बनी रहती है।
घाघरा पुल पर विगत कुछ साल पहले पिच बालू वगैरा से लेपन कार्य कराया गया था जो एक ही गर्मी के सीजन में सारे पिघल कर जगह-जगह चकत्ते व इकठ्ठे हो गए हैं इससे हमेशा छोटे-मोटे एक्सीडेंट होते रहते हैं।
पुल की साफ सफाई एवं पुताई के लिए पहले शासन द्वारा व्यवस्था किया जाता था लेकिन विगत कई सालों से पुल की साफ-सफाई भी नहीं हो रही है । इस नदी पुल से से मूर्तियों का विसर्जन अधिकाधिक मात्रा में होता है जिससे अक्सर मिट्टी और कूड़े जमा हो जाते हैं जो साफ सफाई के अभाव में पुल पर एक मोटी परत के रूप में जमा रहते हैं जो आम लोगों के लिए काफी कष्टदायक होता है।
इस लेख के माध्यम से सम्बंधित अधिकारियों का ध्यान दोहरीघाट इंदिरा सेतु के तरफ आकर्षित कारण करना चाहता हूं इसकी देखरेख साफ सफाई वह मरम्मत शासन निरंतर कराती रहे ताकि जान माल की सुरक्षा हम नागरिकों की हो सके।
सुमन देवी सभासद (भाजपा)
कपूर चंद गुप्ता पूर्व सभासद वार्ड नंबर 7 भगवानपुरा दोहरीघाट नगर पंचायत दोहरीघाट मऊ

