समाज में बढ़ रहे शिक्षा का प्रचार प्रसार, बेटा - बेटी एक समान के साथ-साथ सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देकर समाज को जागरूक करने के बाद गर्भ मे पल रही बेटियाँ बच तो जा रही हैं, शिक्षा ग्रहण कर विभिन्न क्षेत्रों मे परचम भी फहरा रही हैं लेकिन शादी के बाद दहेज के लालच में नर भक्षियों के चंगुल मे फंस कर उन्हें मारने का क्रम बदस्तूर जारी है।
ऐसा ही एक मामला मऊ(Mau) जनपद के चिरैयाकोट (Chirayiyakot) थानान्तर्गत सरौंदा गाँव(Saraoda gao) में देखने को मिला |
जानकारी के अनुसार सरौंदा गाँव(Saraoda gav) के संजय कुमार सिंह(Sanjay kumar singh) पुत्र भानु प्रताप सिंह(Bhanu Pratap Singh) जो मऊ जिले(Mau) में एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के चीफ ब्यूरो हैं ने अपनी पुत्री निधि सिंह(Nidhi Singh) (26) की शादी आजमगढ़ जिले(Azamgarh) के जहानागंज (Jahanaganj) थानान्तर्गत ग्राम परासी (Parasi) के निवासी विनोद सिंह(Vinod Singh) पुत्र रामनरेश सिंह (Ramnaresh Singh) के लड़के अजय सिंह (27)(Ajay Singh) के साथ 24 जून 2019 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार बड़े ही धूम धाम से किया था |
दहेज के रूप मे संजय सिंह ने 15 लाख नगद के अलावा 5 लाख का गहना भी दिया था |
शादी के बाद निधि अपने ससुराल वालों के साथ 26 जून को महाराष्ट्र के नागपुर शहर स्थित गिट्टी खदान पुलिस स्टेशन अंतर्गत इंद्रायणी नगर गोरेवाडा चली गई जहाँ उसके पति,सास,ससुर,एवं ननद पहले से रहते थे |
शादी के एक महीना भी नहीं बीता कि निधि के ससुराल वाले उसे मायके से चार पहिया वाहन खरीदने के लिए रूपया मांगने का दबाव बना प्रताड़ित करने लगे |
आये दिन निधि का पति अजय सिंह, ससुर विनोद सिंह, सास सुमन सिंह और ननद अंजली सिंह मानसिक प्रताड़ना देने के साथ ही मारने - पीटने लगे |
परेशान हाल निधि ने अपनी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना की बात अपने मायके वालों से फ़ोन कर बतायी |
निधि की प्रताड़ना सुन उसके पिता संजय सिंह ने फ़ोन से ही उसके ससुराल वालों को समझाने की भरपूर कोशिश किया लेकिन निधि की प्रताड़ना कम नहीं हुई |
इसी सम्बन्ध में संजय सिंह ने निधी के ससुर के बड़े भाई ब्रिजनाथ सिंह पुत्र रामाधार सिंह से बात किया तो उनका भी यही कहना था कि जो लोग मांग रहे हैं उसे कर देवे
नागपुर में बिटिया निधी अपने पति,सास,ससुर,ननद से मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित होती रही और संजय सिंह अपने गांव बिटिया का दुःख सुन मानसिक रूप से तनाव में थे।
ऐसा भी नही कि निधी के ससुराल वालों की माली हालत खराब थी।उसके ससुर लगभग 30वर्षों से नागपुर में प्रापर्टी डीलर का काम करते हैं, पति अजय सिंह एक कम्पनी में इन्जीनियर है,ननद अंजली सिंह इण्डिगो एयर लाइन में एयर होस्टेस है वहीं विनोद सिंह के बड़े भाई बृजनाथ सिंह अपने मूल निवास पर काफी सम्पन्न हैं।
बिटिया की परेशानी देख संजय सिंह उसे 8अक्टूबर2019 को अपने गांव लाये।दोनो पक्षों में आपस में बातें हुई, निधी के ससुराल पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि आगे भविष्य में ऐसा नहीं होगा।इतना भरोसा दिलाकर निधी के ससुर विनोद सिंह एवं उनके बड़े भाई बृजनाथ सिंह मेरी बिटिया का गौना कराकर लिवा गये।
कुछ ही दिनों बाद निधी के साथ पुरानी हरकतें शुरू हो गई।ससुराल वालों की प्रताड़ना निधी सहती रही और अन्ततः4जून को आखिरी बार फोन कर निधी ने दहेज न पूरा मिल पाने की स्थिती में अपनी हत्या की आशंका भी जताई जो अन्ततः5जून को निधी के मौत की खबर उसके मायके आ ही गयी।
बेटी के मौत की खबर सुन संजय सिंह निजी साधन से नागपुर पहुंच वहां के हालातों का जायजा लेते हुए नागपुर शहर के गिट्टीखदान थाने में अपनी बेटी निधी सिंह के मृत्यु का जिम्मेदार ठहराते हुए निधी के पति अजय सिंह, ससुर विनोद सिंह, सास सुमन सिंह,ननद अंजली सिंह, बड़े ससुर ब्रिजनाथ सिंह के विरूद्ध तहरीर देकर दहेज लोभी ससुराल वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग किया।

