एक जानवर की जान इन्सानों ने ली है..(लेख)


एक जानवर की जान इन्सानों ने ली है......😭😭
गजराज मोक्षदाता भी रोये होंगे 😭😭
हिन्दुस्तान के सबसे शिक्षित प्रदेश केरल में गर्भवती हथिनी को विस्फोटक भरा अनानास खिला दिया जाता है...
क्या करेंगें हम ऐसी साक्षरता लेकर 😡    
 इसी भारत भूमि पर कभी एक मूक पशु ने पुकारा था जगन्नाथ श्री हरि विष्णु को और वह दौड़ पडे थे उसे बचाने को परन्तु उसी धरा पर दो निरीह जीवों को तडपा तडपा कर अट्टहासों के बीच मौत दे दी गयी ......           
समझ में नहीं आ रहा कि पढे लिखे मनुष्यों की सारी मानवीयता कहाँ खोती जा रही है ....😰           
 कोरोना के साथ गैस रिसाव, तुफान आदि घटनाओं ने विश्व के साथ उस भारत भुमि के इन्सानों का भी कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया है जिस भारत भूमि पर देवों और पैगम्बरों ने जन्म लिया है, जिस भारत भूमि से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश दिया गया था           
कि हमने प्रकृति के दोहन की सभी सीमायें पार कर दी हैं, फिर भी हमें सद्बुद्धि नहीं आयी, हमारी क्रुरता समाप्त नहीं हुयी ।        
मनुष्य इस धरा का सबसे स्वार्थी और सबसे क्रूर प्राणी हो गया है ।          
यदि यही शिक्षित मनुष्यता है तो मुझे कहने में जरा भी कष्ट और संकोच नहीं है कि ....         
नर पिशाचों की बढती संख्या की वजह से यह भारत भूमि अभिशापित हो चुकी है, शायद अब समय आ चुका है जब यह दानवीय मनुष्य सभ्यता समाप्त हो जानी चाहिए । समूल नाश को प्राप्त हो जाय यह सभ्यता तो भी कम है।
             
                                                   - प्रदीप कुमार पाण्डेय
                                                       सहादतपुरा, म‌ऊ