विश्व पर्यावरण दिवस ५ जून की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ!
हमारा सम्पूर्ण जीवन प्रकृत्ति पर निर्भर एवं आश्रित है। पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हमारा खाना,पीना, पहनना और हमारी प्रत्येक स्वास भी प्रकृत्ति के ही अधीन है।
प्रकृत्ति जीवों की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है लेकिन अति लालच और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए प्रकृत्ति के साथ मानव छेड़छाड़ करने के साथ अति दोहन भी कर रहा है, यह हमें प्रकृत्ति के महा कोप का निमित्त भी बना रहा है।
आज लोग वृक्ष लगाते हुए अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर अनेकों प्रकार के सन्देशों की बाढ आयी है। यह सब बस कुछ पल के लिए है फिर हम सभी सब कुछ भुल कर लग जायेंगे प्रकृति के दोहन में।
प्रकृत्ति ने हम सबको सब कुछ दिया है तो हमारा भी उत्तरदायित्व बनता है, इस उत्तरदायित्व के निर्वहन में हो सकता है हममें से सभी वृक्ष लगाने में किसी कारण वश सक्षम न हों, यह भी सम्भव है की हममें से बहुत गमले में भी कोई पौधा न लगा सकें लेकिन कुछ छोटे छोटे ऐसे कार्य हैं जिनको कर के हम अपने उत्तरदायित्व की काफी हद तक पुर्ती कर सकते हैं, बहुत से ऐसे काम हैं जिन्हें हम सब घर बैठे भी बड़ी सरलता से पर्यावरण रक्षा के लिए कर सकते हैं-- जैसे जीवन में शाकाहार अपनाना, जल की बूँद-बूँद का संचय करना, आवश्यकतानुसार विद्युत उपकरणों का प्रयोग करना, अन्न का दुरुपयोग न करना, पोलीथीन का कम से कम उपयोग करना।
इस तरह के अनेक छोटे - छोटे कार्य पर्यावरण संरक्षण, संवर्द्धन व सुरक्षा की दिशा में एक सार्थक प्रयास और पहल होगें।
अपनी भावी पीढ़ियों को उबारने का संकल्प लेते हैं। आइये मिलकर इस धरा को संवारने का संकल्प लेते हैं।
- प्रदीप कुमार पाण्डेयसहादतपुरा, मऊ

