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भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता द्वारा बूथ न0 एक ग्राम कासिमपुर में लोक कल्याण सेवा न्यास के साथ मिलकर 101 पौधों का रोपण किया गया। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हर मंडल पर डॉ0 मुखर्जी को याद करते हुए माल्यार्पण किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता ने जनपद कार्यालय पर डॉ॰ मुखर्जी के छाया चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, डॉ0 मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी व्यक्ति थे।
डॉ मुख़र्जी के राजनैतिक जीवन की शुरुआत सन 1929 में हुई जब उन्होंने बंगाल विधान परिषद् में प्रवेश किया किन्तु कांग्रेस की नीतियों के विरोध में इन्होंने वहां से इस्तीफा दे दिया, इसके पश्चात उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और चुने गए।
अपनी विशिष्ट रणनीति से उन्होंने बंगाल के विभाजन के मुस्लिम लीग के प्रयासों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। 1942 में ब्रिटिश सरकार ने विभिन्न राजनैतिक दलों के छोटे-बड़े सभी नेताओं को जेलों में डाल दिया।
देश की प्रथम अंतरिम सरकार में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में शामिल हुए | नेहरू और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली के बीच हुए समझौते के विरोध में इन्होंने 6 अप्रैल 1950 को मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया।
इसके बाद उन्होंने एक नए राजनैतिक दल की स्थापना की जो उस समय सबसे बडा विरोधी दल था। इस प्रकार अक्टूबर, 1951 में भारतीय जनसंघ का उद्भव हुआ। सन 1952 के चुनाव में भारतीय जन संघ ने कुल तीन सीटें जीती, जिसमे एक उनकी खुद की सीट शामिल थी।
डॉ0 मुखर्जी आजीवन अपने सिद्धांतो पर चलते रहे, भारत की अखंडता और एकता के लिए डॉ0 साहब ने कोई समझौता नहीं किया,आज का बंगाल,पंजाब और जम्मू कश्मीर जो भारत गणराज्य का अभिन्न है इनको भारत का अंग बनाने में डॉ0 साहब के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देश की एकता के लिए घातक दुराग्रही नीतियों खिलाफ डॉ0 साहब ने इस्तीफा दे दिया। डॉ0 साहब ने एक देश में दो विधान दो निशान के खिलाफ आंदोलन चलाया,डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 23 जून सन1953 को रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
इस अवसर पर दीनबंधु राय,संजय पांडेय,कृष्ण कान्तराय,सुनीलयादव, अंजनी सिंह,विनोद गुप्ता,सुधीरसोनकर, मदनदेववंशी,पंकज राजभर, सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


