मऊ ---आज इन्टरनेशनल इमरजेन्सी मेडिसिन दिवस के अवसर पर बोलते हुए शारदा नारायन हास्पिटल के क्रिटिकल केयर स्पेशियलिस्ट तथा सोसाइटी फाॅर इमेरजेन्सी मेडिसीन इण्डिया यू0पी0 चेप्टर के अध्यक्ष डा0 सुजीत सिंह ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य लोगो को आपातकालीन चिकित्सा की देखभाल व मजबूत करने के लिए सोचने के लिए एकजुट करना है। उन्होने कहा कि हमारा मानना है कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति के लिए आपातकालीन चिकित्सा का विकसित होना जरूरी है। इसके लिए हमे आपातकालीन विशेषज्ञ चिकित्सक ,तीव्र देखभाल में प्रशिक्षित नर्साे,पैरामेडिकल स्टाफ व सक्षम सहायक की एक संरचना गठन करना चाहिए। जो आपातकालीन चिकित्सा की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकें। इस अवसर पर डा0 सिंह ने कहा कि गंभीर मरीज का पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है अगर हम मरीज को उस समय आपातकालीन चिकित्सा तुरन्त सही तरीके से नही प्रदान करते है तो उस मरीज का दिल का दौरा,ब्रेन स्ट्रोक,रक्तस्त्राव से मौत हो सकती है इस लिए आपातकालीन चिकित्सा की दृष्टि से वह पहला घंटा मरीज को गोल्डेन समय होता है। इस लिए हमेशा आपातकालीन चिकित्सा प्रदान करने के लिए कुशल व प्रशिक्षित नर्साे,पैरामेडिकल स्टाफ व सक्षम सहायक का होना आवश्यक है।

