Reporter- मधुसूदन तिवारी -कोपागंज
ग्रामसभा लाड़नपुर रामनरेश त्रिपाठी द्वारा खुदवाया गया पोखरा आज अपना अस्तित्व खोते जा रहा है वही कभी इस पोखरे में गांव के तमाम बच्चे गर्मी की छुट्टियों में जल क्रीड़ा का आनंद लिया करते थे आज वही पोखरे का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है विगत कुछ वर्षों से पोखरे की साफ-सफाई व जल की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी विगत पिछले वर्ष में हुई बारिश के कारण इस पोखरे में एक बार फिर अपनी चमक बिखेर दी बारिश खत्म होने के 6 महीने बाद यह पोखरा फिर सुख गया एक तरफ पूरे देश में जहां करोना वायरस सभी को अपने घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है वही गांव के कुछ युवा एकत्रित होकर पोखरे की साफ-सफाई कर ट्यूबवेल एवं समरसेबल द्वारा जल भरने का कार्य करते दिखे युवाओं में पूर्ण रूप से बुजुर्गों द्वारा दिशा निर्देश देते हुए गांव के बुजुर्गों ने नवयुवक लड़कों के साथ मिलकर एक बार फिर गांव के पोखरे को हरा-भरा करने का प्रयास किया इस पोखरे का अपना एक अतीत है जहां पूरे गांव के लोग ब्राम्हण बस्ती और राजभर बस्ती के लोग यहां छठ पूजा जीवित्पुत्रिका व्रत इसी पोखरे से करते हैं अब ऐसा प्रतीत हो रहा है एक बार फिर से वही बचपन का दौर लौट आया है वहीं ग्राम के एक युवक अजय तिवारी ने कहा जब हम लोग छोटे बच्चे थे अपने दादी और मां के साथ किसी भी तीज त्यौहार पर खासतौर से छठ पूजा के महापर्व पर गांव के सभी लोग इस पोखरे पर पूजा अर्चन करते थे जिन युवकों ने साफ सफाई का जिम्मा उठाया उनमें से अजय तिवारी, गोलू तिवारी गोपाल उर्फ अभिषेक, रामगोपाल तिवारी उर्फ गिल्लू, मनोज राजभर , तमाम लोग मौजूद रहे

