सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, सिकटिया, मऊ में कम्पोजिट प्रदर्शनी एवं अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का भव्य, रचनात्मक एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। पूरा विद्यालय परिसर विज्ञान, कला, संस्कृति और रचनात्मकता के रंगों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के समक्ष पुष्पार्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर अभिषेक आदित्य, जॉइंट डायरेक्टर श्रीमती गरिमा जायसवाल, रेजिडेंशियल डायरेक्टर गौतम जायसवाल, जॉइंट रेजिडेंशियल डायरेक्टर श्रीमती दीपिका जायसवाल, प्रधानाचार्य संदीप कुमार दुबे, उप-प्रधानाचार्य रवि प्रताप शर्मा सहित समस्त शिक्षकगण, बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी में विद्यालय के प्राइमरी विंग, अपर प्राइमरी विंग एवं सीनियर विंग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। छोटे बच्चों की मासूम कल्पना से लेकर बड़े बच्चों की वैज्ञानिक सोच तक, हर मॉडल में मेहनत, लगन और नवाचार की झलक साफ दिखाई दी।
1. विज्ञान एवं तकनीक: रोबोटिक्स द्वारा संचालित रोबोट, सेंसर आधारित स्मार्ट होम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल, सैटेलाइट मॉडल, चंद्रयान-3 एवं रॉकेट प्रक्षेपण मॉडल, सोलर सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी।
2. पर्यावरण एवं भविष्य का भारत: स्मार्ट सिटी, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोलर एनर्जी से चलने वाला गाँव, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त भारत, स्वच्छ भारत मिशन, वायु प्रदूषण नियंत्रण मॉडल।
3. मानव शरीर एवं प्रकृति: मानव हृदय एवं पाचन तंत्र के वर्किंग मॉडल, मानव मस्तिष्क, ज्वालामुखी विस्फोट का सजीव प्रदर्शन, जल चक्र, भूकंप अलार्म सिस्टम।
4. कला, संस्कृति एवं सामाजिक विषय:* भारतीय संस्कृति, काशी-तमिल संगमम, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, यातायात नियमों पर आधारित आकर्षक मॉडल।
बच्चों ने न केवल मॉडल बनाए, बल्कि आगंतुकों के सामने आत्मविश्वास के साथ उनके बारे में विस्तार से समझाया भी। अभिभावकों ने बच्चों की इस प्रतिभा को देखकर उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
साथ ही सभी कक्षाओं के लिए PTM का भी आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों ने शिक्षकों के साथ अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा की। अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था एवं अनुशासन की सराहना की।
प्रधानाचार्य संदीप कुमार दुबे ने कहा, "आज का दिन हमारे विद्यालय के लिए गर्व का दिन है। आज बच्चों ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। कक्षा 1 के नन्हे बच्चे से लेकर कक्षा 12 के विद्यार्थी तक, सबने अपनी कल्पना को हकीकत में बदलकर दिखा दिया। रोबोटिक्स, सैटेलाइट, स्मार्ट सिटी जैसे जटिल विषयों पर इतने सुंदर और सजीव मॉडल बनाना वाकई सराहनीय है। हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि बच्चों को सोचने वाला, सवाल करने वाला और नया बनाने वाला बनाना है। यही शिक्षा का असली अर्थ है।"
उप-प्रधानाचार्य रवि प्रताप शर्मा ने कहा, "इन मॉडलों में बच्चों की मेहनत, रचनात्मकता और भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और डॉक्टर बनने की झलक साफ दिखाई दे रही है। जिस आत्मविश्वास के साथ बच्चों ने अतिथियों के सवालों के जवाब दिए, वह काबिले तारीफ है। विद्यालय सदैव बच्चों को ऐसे ही रचनात्मक मंच प्रदान करता रहेगा, ताकि उनकी छिपी हुई प्रतिभा निखर कर सामने आ सके। मैं सभी शिक्षकों और अभिभावकों को भी बधाई देता हूँ, जिनके मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था।"
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधन ने सभी बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
