मऊ में किसानों का फूटा गुस्सा, फसल बर्बादी के मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों किसान तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर की प्लांट-टू-प्लांट सर्वे की मांग, डीएम ने तीन दिन में सर्वे पूरा कराने का दिया निर्देश

मऊ में बेमौसम बारिश और अर्णव तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज हवा और बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो रही है। वहीं सरसों, मटर, मसूर, आलू और चना की बुवाई भी प्रभावित हुई है। फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने और क्षति का प्लांट-टू-प्लांट सर्वे कराने की मांग को लेकर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मुलाकात कर तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
वीओ:
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने अपने गले में मांगों से संबंधित तख्तियां लटका रखी थीं और नारेबाजी करते हुए फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान किसानों ने 'फसलों की क्षति का मुआवजा दो, हमारी मांग पूरी करो' और 'जय जवान-जय किसान' के नारे लगाए।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आनंद वर्धन को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जिले के सभी प्रभावित किसानों के खेतों का प्लांट-टू-प्लांट सर्वे कराने की मांग की।
किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे फसल सड़ने लगी है। सबसे अधिक उत्पादन देने वाली एमटीयू-7029 यानी नाटी मसूरी धान की फसल गिरने से उत्पादन पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ने की आशंका है।
इसके अलावा जिन किसानों ने सरसों, मटर, मसूर, आलू और चने की बुवाई की थी, उनकी फसलों का जमाव भी खेतों में पानी भरने के कारण प्रभावित हुआ है।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रभावित किसानों के खेतों का प्लांट-टू-प्लांट सर्वे कराकर शासन से उचित मुआवजा दिलाया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों को बीमा कंपनियों से फसल बीमा क्लेम दिलाया जाए। वहीं बारिश और तेज हवाओं के कारण जिन ग्रामीणों के मकान गिरे हैं, उनका भी सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराया जाए।
राकेश सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले की तहसीलों और गांवों में अभी तक फसल क्षति का सर्वे शुरू नहीं हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा प्रभावित किसानों को सहायता और पैकेज देने की घोषणा की गई है।
इस पर जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर जिले में फसलों की क्षति का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि जिन लोगों के मकान गिरे हैं, उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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